हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की एसआइटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए योजना को चलाने, निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने, क्लेम की जांच, भुगतान प्रक्रिया व आडिट व्यवस्था से जुड़े रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
विजिलेंस जांच में अब यह देखा जा रहा है कि हिमकेयर योजना के संचालन के दौरान शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक निगरानी किस तरह की गई थी। उपचार की दरें तय करने, निजी अस्पतालों को योजना में शामिल करने और उनके दावों के सत्यापन से संबंधित निर्णय किस स्तर पर लिए गए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही विभाग को मिली शिकायतों और ऑडिट आपत्तियों पर हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिया गया है।
71 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड जांच के दायरे में
इससे पहले जुलाई में सामने आई जांच रिपोर्ट में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक संदिग्ध भुगतान के संकेतों का उल्लेख किया गया था और 71 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड जांच के दायरे में होने की बात सामने आई थी। इन अस्पतालों के दावों, मरीजों के उपचार, बिलिंग और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट में कुछ संस्थानों के न्यूनतम स्वास्थ्य मानकों को पूरा किए बिना संचालित होने तथा संदिग्ध बिलिंग से जुड़े तथ्य सामने आने का भी उल्लेख किया गया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

