होली से पहले ही रचा ली शादी; गढ़वा में रारो देवी धाम में हुई ‘चट मंगनी, पट विवाह’
डंडई प्रखंड के रारो गांव स्थित देवी धाम में गुरुवार की देर शाम एक तयशुदा रिश्ते की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गयी। दोनों परिवारों की सहमति से शादी पहले ही तय हो चुकी थी और आगामी होली में विवाह की तारीख भी निर्धारित कर दी गयी थी। लेकिन शादी की तारीख आने से पहले ही दोनों की लगातार मुलाकातों के बाद परिवारों ने तत्काल विवाह कराने का निर्णय लिया।
बुधवार की रात भी रंजीत लक्ष्मी से मुलाकात करने बिलैतीखैर पहुंचा था। इसी बीच स्थानीय लोगों ने दोनों को साथ देख लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के स्वजन वहां पहुंचे और पूरे मामले को लेकर आपस में बातचीत की। बातचीत के दौरान रंजीत और लक्ष्मी ने भी एक-दूसरे के साथ ही रहने और विवाह करने की बात कही।
चूंकि दोनों परिवार पहले से ही इस रिश्ते के लिए सहमत थे और होली में शादी की तारीख भी तय थी, इसलिए होली तक इंतजार करने के बजाय तत्काल विवाह कराने पर सहमति बन गयी। दोनों की आपसी रजामंदी और दोनों परिवारों की सहमति से होली तक इंतजार करने के बजाय तत्काल विवाह कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रारो देवी धाम में विवाह कराने पर दोनों पक्षों की सहमति बनी।
इसके उपरांत मंदिर परिसर में गाजे-बाजे के साथ विवाह की रस्में शुरू हुईं। हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रंजीत और लक्ष्मी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनायी और वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस दौरान दोनों पक्षों के परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे। विवाह की खबर क्षेत्र में फैलते ही रारो देवी धाम में लोगों की भीड़ जुट गयी।
बारिश के बावजूद ग्रामीण विवाह देखने के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते रहे। होली में होने वाली शादी से पहले ही झिमिर-झिमिर बारिश के बीच दोनों के विवाह बंधन में बंधने की इस ”चट मंगनी, पट विवाह” की चर्चा जोरों पर रही।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

