रसोइयों को 3000 मानदेय और कैशलेस इलाज, प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह बोले- यह काम नहीं, सेवा है

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जलशक्ति मंत्री एवं गोरखपुर के प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने रसोइयों को उनके योगदान को समाज और शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि रसोइयों के हाथों से तैयार भोजन बच्चों को सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि पोषण भी देता है। हजारों बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी निभाने वाली रसोइयों के योगदान को सरकार सम्मान देने के साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रख रही है।

हर्ष वाटिका में रविवार को विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के जनपद स्तरीय सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबंधित कर रहे थे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के लिए भोजन तैयार करना महज एक काम नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का कार्य है।रसोइयां प्रतिदिन बच्चों के लिए भोजन तैयार कर उनके स्वास्थ्य और पोषण में योगदान देती हैं। सरकार ने उनकी मेहनत और भूमिका को देखते हुए मानदेय बढ़ाकर तीन हजार रुपये किया है। इसके साथ ही उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाले हाथों को भी सम्मान और सुरक्षा मिले। रसोइयों के जीवन में आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा का भाव मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। समारोह में बेहतर कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित किया गया।

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