दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खुद को एटीएस, एनआईए और आरबीआई के बड़े अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 30 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश कर फतेहाबाद के रहने वाले सुनील सिंगला को गिरफ्तार किया है।
कैसे बनाया शिकार?
आरोपितों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ पीड़ित को मानसिक रूप से डराकर मोटी रकम ऐंठ ली। खुद को एटीएस एनआईए और आरबीआई का अधिकारी बताकर बुजुर्ग पीड़ित को वॉट्सएप वीडियो कॉल किया। उन पर लाल किला ब्लास्ट से जुड़े ‘टेरर फंडिंग’ और मनी लॉन्ड्रिंग का फर्जी आरोप लगाया गया।पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए वॉट्सएप पर फर्जी आरबीआई कंफर्मेशन, प्राइवेसी एग्रीमेंट और लीगलाइजेशन बॉन्ड भेजे गए। पीड़ित को घर में खुद को अकेला रखने और वीडियो कॉल के जरिए 24 घंटे निगरानी में रहने के लिए मजबूर किया गया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

