पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर 24 परगना में मृत तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिवार से मुलाकात के दौरान उनके काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया।
ममता की कार पर पत्थर, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ‘चोर’ कहकर नारे भी लगाए।
जूते व बड़े-बड़े पत्थर फेंकने का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। उन्होंने दावा किया, अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो मेरा सिर फट जाता। हम सभी मारे जा सकते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
पुलिस पर भाजपा को संरक्षण देने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा को संरक्षण दे रही है।
ममता ने कहा कि पुलिस के सामने ही उनके वाहन पर हमला किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

