दानापुर रेल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल आरा जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवानों को वर्षों से मूलभूत सुविधा के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्टेशन परिसर में आरपीएफ जवानों के लिए बैरक निर्माण की योजना करीब 11 साल पहले बनाई जा रही है, लेकिन लंबे समय बाद भी बैरक का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। कुछ काम बाकी रहने के कारण भवन अधूरा पड़ा है। इसके चलते आरपीएफ के जवानों को वेटिंग हाल और प्लेटफार्म पर दिन-रात गुजारने की मजबूरी बनी हुई है।
आरपीएफ बैरक निर्माण का कार्य कई चरणों में आगे बढ़ा, लेकिन फंड की कमी के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। बताया जाता है कि निर्माण से जुड़े ठेकेदार की ओर से काम किया गया है, लेकिन किए गए कार्य के एवज में आवश्यक राशि का भुगतान नहीं हो पाने के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई।
नतीजतन, लंबे समय से बैरक का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। जवानों को नहीं मिल पा रहा आराम का उचित स्थान। आरा जंक्शन पर आरपीएफ की तैनाती यात्रियों की सुरक्षा स्टेशन परिसर की निगरानी, ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था तथा आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए की जाती है।
दो बार बदला डिजाइन
जवानों की ड्यूटी शिफ्ट के अनुसार, दिन और रात दोनों समय रहती है। ऐसे में ड्यूटी समाप्त होने के बाद आराम करने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बैरक नहीं होने से जवानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में कई जवान किसी तरह स्टेशन के वेटिंग हाल अथवा प्लेटफार्म पर समय गुजारते हैं।
इससे न केवल उन्हें आराम करने में परेशानी होती है, बल्कि ड्यूटी के दौरान थकान और असुविधा का भी सामना करना पड़ता है। इधर दानापुर मंडल के वरीय रेल अभियंता प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि आरा जंक्शन पर आरपीएफ बैरक बनाने के लिए दो बार डिजाइन को चेंज किया गया है, जि

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

