जिले में तैनात महिला दारोगा और अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में तिरंगा लहराकर जिले के साथ देश का मान बढ़ाया है।
शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों में महिला 48 किलोग्राम भार वर्ग के रोमांचक फाइनल में उन्होंने कनाडा की हाइडी क्वाच को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही अस्मिता राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
गाजियाबाद में तैनात अस्मिता की पोस्टिंग पुलिस लाइन में चल रही है। इसी वर्ष मार्च में उन्हें दारोगा के पद पर प्रोन्नत किया गया था। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका प्रदर्शन शुरुआत से शानदार रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में लगातार जीत दर्ज कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
फाइनल में कनाडा की हाइडी क्वाच ने अस्मिता को कड़ी चुनौती दी। निर्धारित समय में मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। यहां अस्मिता ने दबाव के बीच बाजी मारते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिया। उनकी उपलब्धि ने भारतीय जूडो के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरन नैय्यर ने कहा कि अस्मिता डे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के साथ यूपी पुलिस और गाजियाबाद का गौरव बढ़ाया है। उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पुलिस बल के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

