वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के पूजा हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र निवासी अभियुक्त अजय सिंह को दोषी करार दिया है।
अदालत अब इस मामले में एक अगस्त को सजा के बिंदु पर अपना निर्णय सुनाएगी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद एडीजे चतुर्थ की अदालत से यह आठवां दोषसिद्धि का मामला है।
करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस चर्चित हत्याकांड में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
मामला 26 जनवरी 2025 का है। वाल्मीकिनगर निवासी पूजा देवी उस शाम अपने घर से लापता हो गई थीं। अगले दिन उनका शव त्रिवेणी नहर से बरामद हुआ था।
मृतका के भाई राजेश कुमार ने वाल्मीकिनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए स्वाभिमान बटालियन के भवन निर्माण कार्य में मुंशी के रूप में कार्यरत अजय सिंह पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपित के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
साक्ष्यों ने मजबूत किया अभियोजन का पक्ष
अपर लोक अभियोजक मन्नु राव ने अदालत में दलील दी कि घटना से पहले मृतका को अंतिम बार अभियुक्त अजय सिंह के साथ देखा गया था।
जांच में दोनों के बीच लगातार मोबाइल पर बातचीत होने के प्रमाण मिले। अभियोजन ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। अभियोजन का कहना था कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से स्थापित करते हैं।
न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार, 11 नवंबर 2025 को अदालत ने मामले का संज्ञान लिया था। इसके बाद नौ मार्च 2026 को आरोपी के विरुद्ध आरोप गठित किए गए, जिन्हें उसने अस्वीकार करते हुए स्वयं को निर्दोष बताया और विचारण की मांग की। 21 जुलाई 2026 को दर्ज अपने बयान में भी आरोपी ने घटना से इनकार किया।
आठ गवाहों और दस दस्तावेजी साक्ष्यों पर फैसला
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। इसके साथ ही प्राथमिकी, आवेदन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एफएसएल रिपोर्ट सहित कुल दस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक अथवा दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। अब एक अगस्त को अदालत सजा के बिंदु पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

