वहीं बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक अथवा दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। अब एक अगस्त को अदालत सजा के बिंदु पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी।