गलत प्रोटीन पाउडर खरीदकर बर्बाद कर रहे हैं पैसे? समझें व्हे, पी या सोया में से कौन-सा है आपके लिए बेस्ट
आजकल बाजार में सप्लीमेंट्स के इतने ऑप्शन्स मौजूद हैं कि एक आम इंसान के लिए अपने मतलब की चीज चुनना किसी पहेली को सुलझाने जैसा है। ‘व्हे’ प्रोटीन से लेकर ‘पी’ प्रोटीन तक, हर तरफ अलग-अलग वैरायटी नजर आती हैं।
अगर आपका मकसद अपनी डाइट में प्रोटीन का लेवल बढ़ाना, वर्कआउट के बाद शरीर की थकावट मिटाना या फिर शानदार मसल्स बनाना है, तो आपको इन सभी के बीच का बुनियादी अंतर समझना ही होगा। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि आप अपने लिए एक परफेक्ट सप्लीमेंट कैसे चुन सकते हैं।
दूध से बनने वाले प्रोटीन
1) व्हे आइसोलेट
दूध से तैयार होने वाले इस प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें से फैट और लैक्टोज को लगभग पूरी तरह निकाल दिया जाता है।
क्यों है खास: यह एक ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ है जो शरीर में बहुत तेजी से पचता है। अगर आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस है या आप अपनी डाइट में फैट बिल्कुल नहीं चाहते, तो वर्कआउट के बाद मसल्स की ग्रोथ और रिकवरी के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है।
2) व्हे कॉन्सन्ट्रेट
यह भी दूध का ही अर्क है, लेकिन इसे ‘आइसोलेट’ के मुकाबले थोड़ा कम प्रोसेस किया जाता है। इस वजह से इसमें थोड़ा फैट और लैक्टोज बचा रह जाता है।
क्यों है खास: मसल्स बनाने के लिए यह भी एक शानदार ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ है, बस इसे पचने में आइसोलेट की तुलना में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।
3) केसीन
व्हे की तरह यह भी दूध से ही आता है, पर इसका काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है।
क्यों है खास: यह शरीर में बहुत आहिस्ता-आहिस्ता पचता है और कई घंटों तक आपके खून में अमीनो एसिड पहुंचाता रहता है। इससे आपकी मसल्स ब्रेकडाउन से बचती हैं। व्हे के मुकाबले इसमें सिर्फ ‘लाइसिन’ नाम के अमीनो एसिड की कमी होती है। इसे रात को सोने से पहले या दो मील्स के बीच में लेना सबसे समझदारी का काम है।
अंडे से मिलने वाला प्रोटीन
एग वाइट प्रोटीन
इसे अंडे की जर्दी हटाकर सिर्फ उसके सफेद हिस्से से तैयार किया जाता है।
क्यों है खास: यह भी एक कंप्लीट प्रोटीन है जिसमें आपके शरीर के लिए जरूरी सभी एसेंशियल अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं। यह मसल्स की जबरदस्त रिकवरी के लिए जाना जाता है।
वेजिटेरियन और वीगन लोगों के लिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन
अगर आप वेजिटेरियन या वीगन हैं, या फिर आपको डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी है, तो पौधों से मिलने वाले प्लांट-बेस्ड प्रोटीन आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। सबसे अच्छी क्वालिटी के प्लांट प्रोटीन पाउडर अक्सर मल्टी-सोर्स होते हैं, यानी इन्हें सोय, पी, हेम्प, गोल्डन राइस या ब्राउन राइस को मिलाकर तैयार किया जाता है ताकि शरीर को एक परफेक्ट अमीनो एसिड प्रोफाइल मिल सके।
पी प्रोटीन
पीले मटर से तैयार किया जाने वाला यह प्रोटीन प्लांट-बेस्ड डाइट वालों का पसंदीदा है।
क्यों है खास: यह पचने में बेहद आसान होता है, इसमें कोई एलर्जन नहीं होता और यह अमीनो एसिड्स से भरपूर होने के कारण मसल्स ग्रोथ में काफी मदद करता है।
सोया प्रोटीन
सोयाबीन से निकाला जाने वाला यह एक और शानदार ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ है।
क्यों है खास: यह सिर्फ मसल्स ही नहीं बनाता, बल्कि कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने और आपके दिल को सेहतमंद रखने में भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
हेम्प प्रोटीन
यह भांग के बीजों से तैयार होता है।
क्यों है खास: इस सप्लीमेंट में प्रोटीन के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और कई तरह के मिनरल्स का खजाना होता है। हालांकि, इसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स तो होते हैं लेकिन उनका अनुपात थोड़ा ऊपर-नीचे होता है, इसलिए कुछ लोग इसे पूरी तरह से ‘कम्प्लीट प्रोटीन’ नहीं मानते।
आपके लिए कौन-सा है सबसे सही विकल्प?
पैसे खर्च करने से पहले आपको अपनी जरूरत को समझना जरूरी है:
- जिम के तुरंत बाद की रिकवरी के लिए: तेजी से पचने वाले व्हे प्रोटीन का चुनाव करें।
- रात को सोते वक्त मसल्स को रिकवर करने के लिए: धीरे-धीरे पचने वाला केसीन लें।
- अगर आपको डेयरी या अंडे से एलर्जी है: सोय या पी प्रोटीन आपके लिए सबसे सेफ है।
- प्रोटीन के साथ एक्स्ट्रा न्यूट्रिएंट्स चाहिए: हेम्प प्रोटीन ट्राई कर सकते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

