बटाला के निकटवर्ती गांव हरचोवाल के वीर सपूत एवं भारतीय सेना के सूबेदार संदीप सिंह ने 7077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी फतह कर क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया है।
भारतीय सेना की इंडियन आर्मी एडवेंचर टीम के सदस्य सूबेदार संदीप सिंह ने अपनी टीम के साथ इस दुर्गम एवं बर्फ से ढकी पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराने के साथ गांव का बैनर फहरा कर नया इतिहास रच दिया।
उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव, क्षेत्र और पंजाब में खुशी की लहर है। सूबेदार संदीप सिंह पूर्व सैनिक चैंचल सिंह के पुत्र हैं और लंबे समय से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि दो भाई भी सेना में देश की सेवा कर रहे हैं।
सेना के एडवेंचर अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए सूबेदार संदीप सिंह ने पहले भी कई ऊंची पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण कर देश का गौरव बढ़ाया है। अब माउंट कुन जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी को फतह कर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
समुद्र तल से 7077 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट कुन पर चढ़ाई अत्यंत कठिन मानी जाती है। बर्फीले तूफान, कम ऑक्सीजन, कड़ाके की ठंड और दुर्गम रास्तों के बीच यह अभियान केवल साहस, कठिन प्रशिक्षण और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही पूरा किया जा सकता है।
सूबेदार संदीप सिंह और उनकी टीम ने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक शिखर तक पहुंचकर तिरंगा फहराया। इसके साथ ही सूबेदार संदीप सिंह ने अपने गांव का बैनर फहरा कर इलाके का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल भारतीय सेना का सम्मान बढ़ा है, बल्कि हरचोवाल गांव की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सेना में रहते हुए देश सेवा के साथ-साथ अपने गांव का नाम रोशन करना गर्व की बात है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें देश सेवा तथा साहसिक अभियानों के प्रति प्रेरित करेगी।
सूबेदार संदीप सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर ग्राम पंचायत, गांव के गणमान्य लोगों तथा क्षेत्रवासियों ने उन्हें और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे जांबाज सैनिक गांव और देश की असली शान होते हैं। उन्होंने सूबेदार संदीप सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को बड़े लक्ष्य हासिल करने का हौसला देगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

