भीखनपुर में रेलवे के अंडरपास निर्माण के लिए गर्डर लांचिंग की तैयारी के दौरान सोमवार शाम करीब 4:30 बजे बजरंगबली की प्रतिमा का दाहिना हाथ क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रतिमा हटाने के दौरान हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही डायल-112, इशाकचक थाना पुलिस और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
भोलानाथ रेलवे पुल और भीखनपुर गुमटी नंबर-3 के बीच शंटिंग यार्ड का निर्माण चल रहा है। इसी परियोजना के तहत भीखनपुर गुमटी नंबर-1 और 2 के बीच अंडरपास का निर्माण होना है।
दो-तीन दिनों में यहां गर्डर लांचिंग प्रस्तावित है। निर्माण स्थल के समीप बजरंगबली और शिव मंदिर होने के कारण रेलवे कर्मी रास्ता खाली कराने के लिए बजरंगबली की प्रतिमा को हटाकर पास में रख रहे थे। इसी दौरान प्रतिमा का दाहिना हाथ क्रैक हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। उनका आरोप था कि प्रतिमा को पर्याप्त सावधानी के बिना हटाया गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई।
दोबारा स्थापित हुई मूर्ति
स्थिति सामान्य करने के लिए रेलवे की जमीन पर ही थोड़ी दूरी पर बजरंगबली की प्रतिमा पुनः स्थापित कराई गई। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने शिवलिंग को भी हटाकर बजरंगबली की प्रतिमा के पास स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई।
रेलवे के एईएन गौतम कुमार ने कहा कि जिस स्थान पर शिवलिंग स्थापित किया गया है, वह भी निर्माण कार्य के दायरे में है। बाद में स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें दोनों मंदिरों को भविष्य में निजी जमीन पर स्थायी रूप से स्थापित कराने पर सहमति बनी। इसके बाद करीब एक घंटे तक चला विवाद समाप्त हो गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यहां यू-शेप अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लंबाई पांच मीटर और चौड़ाई साढ़े चार मीटर होगी। भीखनपुर गुमटी नंबर-1 और 2 के बीच रेलवे भूमि पर 15 मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई जाएगी, जिसे अंडरपास से जोड़ा जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

