चेक बाउंस मामले में महिला को राहत नहीं, अदालत ने अपील खारिज करते हुए कहा- बचाव लगातार बदलता रहा
नई दिल्ली: चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में अदालत ने महिला की अपील खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि महिला का बचाव पक्ष लगातार बदलता रहा, जिससे उसके तर्कों की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले के विभिन्न चरणों में महिला की ओर से अलग-अलग दलीलें पेश की गईं। कोर्ट ने इसे “नदी की धारा की तरह लगातार बदलता हुआ बचाव” बताते हुए कहा कि इस तरह के विरोधाभासी रुख के कारण अपील में राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए महिला की अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर निचली अदालत का फैसला उचित प्रतीत होता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

