महिला को सांप के डसने पर झाड़-फूंक में 24 घंटे गंवा दिए। हालत बिगड़ी तो स्वजन पीड़ित महिला को लेकर अस्पताल की दौड़े। चिकित्सक ने एंटी स्नेक वेनम के दस इंजेक्शन लगाकर उनकी जान बचाई।
ग्राम मुजफ्फरपुर कनवाड़ा निवासी 27 वर्षीय निशा पत्नी अंकुर ने बताया कि वह सोमवार सुबह करीब नौ बजे अपने घेर में बिटौड़े पर पुआल लगा रही थी। जमीन से पुआल उठाते समय सफेद रंग के करीब डेढ़ फुट लंबे सांप ने हाथ की एक अंगुली में डस लिया। उसके चिल्लाने पर स्वजन व अन्य लोग वहां पर पहुंचे। उसे मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना ले जाया गया, जहां पर एक व्यक्ति ने झाड़-फूक की।
भरोसा दिया कि बिल्कुल स्वस्थ हो जाएगी। इसके बाद स्वजन वापस घर पर लेकर आए थे। रातभर उसे नींद आती रही, लेकिन झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति के कहे अनुसार उसे स्वजन ने सोने नहीं दिया। मंगलवार सुबह उसे ज्यादा नींद आने लगी। तबीयत बिगड़ती देख स्वजन सुबह नौ बजे बिनौली सीएचसी लेकर पहुंचे। चिकित्सक के रेफर करने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. शाहिद अली का कहना है कि निशा को एंटी स्नेक वेनम के 10 इंजेक्शन लगाए गए हैं, इसके बाद ही हालत में सुधार हुआ।
झाड़-फूंक में न गंवाए समय
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. तीरथ लाल का कहना है कि सांप के डसने पर मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। झाड़-फूंक में महत्वपूर्ण समय न गंवाए। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम के इंजेक्शन हैं।
घरों के आसपास सफाई रखें
वन क्षेत्राधिकारी श्रवण कुमार का कहना है कि गर्मी और बरसात के मौसम में सांप बिल से बाहर निकल आते हैं। कई बार डर की वजह से मानव को काट लेते हैं। यहां पर अधिकांश सांप जहरीले नहीं हैं। आमजन से अपील है कि सतर्कता बरतें। घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। झाड़ियां और बिल न होने दें।


