इस्लामाबाद/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच पाकिस्तान एक संभावित मध्यस्थ की भूमिका में उभरता दिखाई दे रहा है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, क्षेत्रीय परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच दोनों देशों के बीच संवाद बहाल कराने के प्रयास एक बार फिर तेज हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के घटनाक्रमों के बाद चीन ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया है। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की संभावनाओं को लेकर नई पहल शुरू हुई है, जिसमें पाकिस्तान संपर्क सूत्र की भूमिका निभा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के अमेरिका, चीन और पश्चिम एशिया के कई देशों के साथ कूटनीतिक संबंध उसे इस भूमिका के लिए उपयुक्त बना सकते हैं। हालांकि, मध्यस्थता को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
कूटनीतिक हलकों का कहना है कि यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो इसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना, संवाद का रास्ता खोलना और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में प्रयास करना होगा। फिलहाल सभी पक्ष स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित वार्ता को लेकर परदे के पीछे संपर्क जारी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

