Allahabad University में इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त आचार संहिता लागू, गोपनीय दस्तावेजों के साझा करने पर रोक

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 इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नई आचार संहिता लागू की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कर्मचारी इंटरनेट मीडिया का उपयोग करते समय पेशेवर आचरण और संस्थागत गरिमा के उच्चतम मानकों का पालन करेंगे।

बिना अनुमति के दस्तावेजों को साझा नहीं कर सकते
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके साथ ही गोपनीय अथवा अप्रकाशित सरकारी एवं विश्वविद्यालयीय दस्तावेजों को बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के साझा या प्रसारित करने पर रोक लगा दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय ने 29 जून को जारी किया सर्कुलर

विश्वविद्यालय के कुलसचिव के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कार्रवाई भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की विजिलेंस शाखा की ओर से 29 जून को जारी सर्कुलर के अनुपालन में की गई है। अधिसूचना के अनुसार कर्मचारी अपने आधिकारिक कार्य से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखेंगे।

अधिसूचना में यह भी निर्देश

अधिसूचना के अनुसार किसी भी गोपनीय या अप्रकाशित आधिकारिक रिकार्ड, दस्तावेज या सूचना को सोशल मीडिया अथवा किसी अन्य माध्यम से साझा, प्रसारित या सार्वजनिक नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। निर्देश के दायरे में विश्वविद्यालय के आधिकारिक कामकाज से संबंधित दस्तावेज और ऐसी सूचनाएं भी आएंगी, जो अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

विश्वविद्यालय की छवि प्रभावित करने वाली पोस्ट पर रोक

अधिसूचना में कर्मचारियों को ऐसी किसी भी सामग्री को पोस्ट या प्रसारित करने से बचने का निर्देश दिया गया है, जिससे विश्वविद्यालय की छवि, प्रतिष्ठा या कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हो। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर किसी टिप्पणी, पोस्ट, फोटो, वीडियो अथवा अन्य सामग्री को साझा करते समय संस्थागत गरिमा का ध्यान रखने को कहा गया है।

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