भड़काऊ भाषण मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री आजम खान को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) से भी राहत मिल गई है। सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया।
निचली अदालत के आजम खां को बरी किए जाने के फैसले काे बरकरार रखा है। यह अपील आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला ने की थी।
दरअसल, आप नेता ने ही शहर कोतवाली में दो अप्रैल 2019 को आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा था कि 29 मार्च 2019 को आजम खान ने सपा कार्यालय पर भाषण दिया था, जिसकी वीडियो प्रसारित हुई थी। उसमें आजम खान लोगों को तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह (वर्तमान में मंडलायुक्त) समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ भड़का रहे थे।
आम आदमी पार्टी के नेता ने कराई थी प्राथमिकी
आप नेता का कहना था कि आजम खान अपने भाषण में कह रहे थे कि ये अधिकारी रामपुर को खून से नहलाना चाहते हैं। यह जिन जिलों में रहे हैं, वहां कमजोरों को तेजाब डालकर गलाया है। उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघ, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच पूरी कर पुलिस ने आजम खां के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने किया था आरोप से बरी
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने सुनवाई के बाद 18 दिसंबर 2025 को आजम खान को आरोप से बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ आप नेता ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील की थी।
फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में की गई थी अपील
आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि न्यायालय ने सुनवाई के बाद अपील को खारिज कर दिया है और निचली अदालत के दोष मुक्त फैसले को सही ठहराया है।
फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता का कहना है कि वह हाई कोर्ट में अपील करेंगे। वहां भी न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

