गोरखपुर राजकुमार चौहान हत्याकांड के आठ आरोपियों की बदली गई जेल, गुटबाजी की थी आशंका

प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड में बंद आठ आरोपितों को जेल प्रशासन ने अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित कर दिया है। जेल के अंदर आरोपितों की गुटबाजी और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले आरोपितों के विरुद्ध चिलुआताल थाना पुलिस ने गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई की थी।

17 मार्च की सुबह बरगदवा गांव में प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपितों समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में नौ आरोपितों के विरुद्ध गैंग्सटर एक्ट में कार्रवाई की गई।

जेल प्रशासन के अनुसार हत्या और साजिश में बंद आरोपित बैरक के अंदर समूह बनाकर गतिविधियां चला रहे थे। उनकी गतिविधियों को देखते हुए जेल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक आधार पर सभी आरोपितों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।

आदेश के अनुपालन में विपिन यादव और सचिन यादव को आजमगढ़ जेल भेजा गया है। राज चौहान उर्फ निरहू को महराजगंज, शेषनाथ यादव को मऊ, अंकित यादव और दीपक गौड़ को संतकबीरनगर, देवव्रत यादव को अंबेडकरनगर तथा मनीष यादव को देवरिया जेल स्थानांतरित किया गया है।

पुलिस ने राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव को हत्या का मुख्य आरोपित माना है, जबकि अन्य आरोपितों पर साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने का आरोप है। चिलुआताल थाना पुलिस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

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