इससे ट्रैफिक का प्रवाह लगातार बना रहता और सिग्नल अथवा जंक्शन पर वाहनों का दबाव घटता। फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर बनाया जाता तो आज स्लिप रोड जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत शायद नहीं पड़ती।