गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित शहर के सबसे व्यस्त राजीव चौक की यातायात व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। चौक पर करीब एक दशक पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए चार भूमिगत पैदल पार पथ अब बंद किए जाएंगे।
इनके स्थान पर स्लिप रोड विकसित की जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ), गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और जिला प्रशासन ने मिलकर यह निर्णय लिया है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि स्लिप रोड बनने के बाद मुख्य जंक्शन पर वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत शहर की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात अधिक सुचारु हो सकेगा।
राजीव चौक पर दिल्ली-जयपुर हाईवे के अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों से वाहनों की आवाजाही होती है। दिल्ली और जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के साथ शहर के अंदर आने-जाने वाला ट्रैफिक भी इसी जंक्शन से गुजरता है।
सुबह और शाम के पीक आवर में वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण चौक के आसपास लंबी कतारें लगती हैं। इसका असर आसपास के मार्गों पर भी दिखाई देता है।
10 साल पहले बनाए थे चार अंडरपास
करीब दस वर्ष पहले राजीव चौक पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराने के लिए चार भूमिगत पैदल पार पथ बनाए गए थे। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इन अंडरपास का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सड़क के ऊपर से गुजरने से रोकना और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाए रखना था। समय के साथ इनका इस्तेमाल लगातार कम होता गया। पैदल यात्रियों की संख्या कम होने और नियमित आवाजाही नहीं होने के कारण अंडरपास वीरान रहने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार यहां नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी भी देखी जाती है। इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
मुख्य जंक्शन पर कम होगा वाहनों का दबाव
स्लिप रोड तैयार होने के बाद अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। खासकर उन वाहनों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें राजीव चौक के मुख्य जंक्शन पर अनावश्यक रूप से रुकना पड़ता है।
इससे पीक आवर में सिग्नल और जंक्शन पर वाहनों की कतार छोटी होने की संभावना है। दिल्ली की ओर से आने और दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों के साथ ही सोहना की तरफ से आने वाले व सोहना की तरफ जाने वाहन चालकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही आसपास के संपर्क मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से जाम की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक योगेश तिलक का कहना है कि राजीव चौक पर बनाए गए पैदल पार पथ का लोग अपेक्षित रूप से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
वहीं, ऐसे में इनका उपयोग बंद कर इनके स्थान पर स्लिप रोड विकसित करने का निर्णय लिया गया है। करीब डेढ़ महीने के भीतर सभी पैदल पार पथ को समाप्त करने के बाद स्लिप रोड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हाईवे के साथ बनाना था फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर
राजीव चौक पर पैदल यात्रियों के लिए अंडरपास बनाते समय भविष्य के यातायात और लोगों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर बेहतर प्लानिंग नहीं की गई। यही कारण है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद चारों भूमिगत पैदल पार पथ लोगों को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर सके।
स्थिति यह है कि जिन अंडरपास को पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया था, उन्हें बंद कर उसी स्थान का इस्तेमाल यातायात सुधारने के लिए किया जाएगा।
एनएचएआइ के पूर्व तकनीक सलाहकार जेएस सुहाग का कहना है कि राजीव चौक पर दिल्ली-जयपुर हाईवे के निर्माण और यातायात ढांचे की योजना बनाते समय यदि फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का प्रविधान किया जाता तो आज की स्थिति काफी अलग हो सकती थी। क्लोवरलीफ डिजाइन में अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को मुख्य जंक्शन पर एक-दूसरे के सामने आने की आवश्यकता कम होती है।
इससे ट्रैफिक का प्रवाह लगातार बना रहता और सिग्नल अथवा जंक्शन पर वाहनों का दबाव घटता। फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर बनाया जाता तो आज स्लिप रोड जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत शायद नहीं पड़ती।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

