‘सतलुज’ फिल्म विवाद पर रवनीत बिट्टू ने साझा किए आंतकवाद के दौर के वीडियो, बोले- एक पहलू नहीं, पूरा सच जरूरी
जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ पर रोक लगने के बाद से ही पंजाब का एक पुराना और दर्दनाक जख्म फिर से हरा हो गया। इस प्रतिबंध के बाद राज्य में आतंकवाद के उस दौर को लेकर राजनीतिक बहस चरम पर पहुंच गई है। जहां एक तरफ विपक्षी दल उस समय की सरकारों की भूमिका पर तीखे सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है।
रवनीत बिट्टू ने उस खौफनाक दौर की कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिसने पूरे पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। बिट्टू का साफ कहना है कि पंजाब के इतिहास को किसी एक चश्मे से नहीं देखा जा सकता, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सामने पूरा सच आना चाहिए। उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या कभी कोई इस पर भी फिल्म बनाएगा। बिट्टू लगातार अपने इंटरनेट अकाउंट्स पर आतंकवाद के दौर की पोस्टों को साझा कर रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

