राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी के एक बड़े मामले में मंगलवार को छह जगहों पर छापेमारी की। एनआईए ने दिल्ली, यूपी और बिहार के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
एनआईए ने बिहार के गोपालगंज, सीवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिले में एक-एक स्थान, उत्तर प्रदेश में एक और दिल्ली में एक स्थान पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इन स्थानों पर आरोपी व्यक्तियों के सहयोगियों और समर्थकों के ठिकानों की तलाशी ली गई।
छापेमारी के दौरान स्मार्टफोन, लैपटॉप, विभिन्न डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
एनआईए के मुताबिक, यह छापेमारी फरार आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के नेतृत्व वाले मानव तस्करी और साइबर गुलामी सिंडिकेट की जांच का हिस्सा है।
आनंद कुमार सिंह समेत उसके चार साथियों प्रह्लाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ एनआईए ने मई 2026 में चार्जशीट दाखिल की थी।
फरवरी 2026 में आनंद के तीन साथी अभय, अभिरंजन और रोहित को कंबोडिया से दिल्ली लौटते समय गिरफ्तार किया गया था।
जांच में पता चला है कि इस सिंडिकेट ने भारतीय युवाओं को अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजा। वहां पहुंचने पर उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते थे और उन्हें साइबर स्कैम कंपनियों को सौंप दिया जाता था।
पीड़ितों के बयान के अनुसार, काम करने से इनकार करने पर उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक, मारपीट, भूखे-प्यासे रखने और जबरन कैद जैसी मानसिक व शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं। एनआईए ने फरार आरोपियों और सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

