प्रदेश में बरसात में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग ने प्रदेशभर में करीब 15,500 कर्मचारियों और 1,156 विभागीय एवं निजी मशीनों की तैनाती कर दी है ताकि भारी वर्षा, भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में सड़कों को जल्द बहाल किया जा सके।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को बरसात की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले तीन वर्षों की बरसात से सीख लेते हुए इस बार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
सभी मंडलों में संवेदनशील सड़कों और पुलों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी बढ़ाने और 24 घंटे व सात दिन नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के भी निर्देश दिए। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए छह बेली ब्रिज भी तैयार रखे गए हैं।
विक्रमादित्य ने बताया कि विभाग में 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर कार्यरत हैं। इनके अलावा 1,156 बैकहो लोडर, डोजर, रोबोट, टिप्पर सहित अन्य मशीनें उपलब्ध रहेंगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनरी, निर्माण सामग्री और बेली ब्रिज पहले से उपलब्ध करवाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त निजी मशीनों की व्यवस्था के लिए अग्रिम टेंडर प्रक्रिया भी पूरी रखी जाए। ड्रेनेज और कलवर्ट की नियमित सफाई जारी रखी जाए।
अस्पतालों, पुलिस थानों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत केंद्रों तक निर्बाध सड़क संपर्क बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बरसात से पहले 155.95 किलोमीटर सड़कों पर नई परत, 924.94 किलोमीटर पर पैचवर्क, 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों और 9,414 किलोमीटर सड़क किनारे कलवर्ट की सफाई की जा चुकी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

