कानपुर में बिजली उपभोक्ताओं को झटका, बिना बताए दोगुना हुआ कनेक्शन का भार
यूपीपीसीएल ने भले ही विद्युत दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन पर्दे के पीछे विभाग ने उपभाक्ताओं की जेब में डाका डाल ही दिया। शुक्रवार रात के 8:00 बजे मोबाइल पर कनेक्शन का भार दोगुना होने का मैसेज प्रसारित हुआ तो उपभोक्ताओं में खलबली मच गई। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन का भार एक किलोवाट या 2 किलोवाट का था, उन सभी का भार बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया।
मैसेज आने के बाद उपभोक्ता आपस में भी एक-दूसरे से फोन से काल कर विद्युत भार बिना उन लोगों की सहमति के ही बढ़ा दिए जाने की चर्चा करते रहे। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें बिना जानकारी दिए यूपीपीसीएल (उप्र विद्युत पावर कारपोरेशन) ने विद्युत भार दो गुना कर दिया हैं।
कल्याणपुर में विनायकपुर सुदर्शन हाउसिंग सोसाइटी के डाॅ. भक्ति विजय शुक्ल का कहना है कि उनका चार किलोवाट विद्युत भार पहले से स्वीकृत है और इसमें एक किलोवाट की वृद्धि यूपीपीसीएल और केस्को ने अपनी मर्जी से कर दी। जबकि, एक भी दिन लोड लिमिट से अधिक नहीं हुआ है।
रात में यूपीपीसीएल से मोबाइल पर प्राप्त मैसेज में कहा गया है कि आपका बिजली कनेक्शन लोड बढ़ा कर पांच किलोवाट कर दिया है, वजह वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी स्वीकृत सीमा से ज्यादा बिजली का भुगतान करने की बताई गई है।
इसी तरह काकादेव के रामलखन भी उपभोक्ता से बिना पूछे-बताए विद्युत भार बढ़ाए जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि घर में एक पंखा और दो बल्ब हैं। एक किलोवाट से बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया है। इस तरह से केस्को से जुड़े लगभग सभी उपभोक्ताओं के विद्युत भार बढ़ाकर उनके मोबाइल पर मैसेज प्रसारित हुए हैं।
7.79 लाख हैं उपभोक्ता
केस्को में वर्तमान में उपभोक्ताओं की संख्या 7,79,334 है। इसमें 7.10 लाख उपभोक्ता घरेलू बिजली प्रयोग करने वाले हैं, जबकि अन्य कमर्शियल कनेक्शन हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित सभी कनेक्शन पर कुल 2673 मेगावाट का लोड स्वीकृत था। जिसे बढ़ाया गया है।
नियमावली कहती है कि लोड बढ़ाने से पहले उपभोक्ता को मिले सूचना
केस्को की तरफ से उपलब्ध कराई नियमावली कहती है कि यदि दर्ज की गई अधिकतम मांग में वृद्धि होती है, तो मासिक अधिकतम मांग में से जो भी न्यूनतम हो, उसे संशोधित स्वीकृत भार माना जाएगा, बशर्ते कि दर्ज की गई अधिकतम मांग एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार स्वीकृत भार सीमा से अधिक हो गई हो। यह भार अगले वित्तीय वर्ष के बिलिंग चक्र से स्वतः ही समायोजित हो जाता है।
हालांकि, उपभोक्ता को इस संशोधन की सूचना दी जानी चाहिए और स्वीकृत भार में वृद्धि के आधार की पूरी जानकारी भी दी जानी चाहिए। नियमावली में ये भी है कि लोड बढ़ाने के मामले में उपभोक्ता की ओर से लागत डेटा बुक में दी गई दरों के अनुसार, बढ़ाए गए लोड के बाद कुल लोड के लिए सुरक्षा राशि जमा की जाएगी और पहले से जमा की गई सुरक्षा राशि का क्रेडिट दिया जाएगा।
घर में दो पंखा और दो लाइट जलती हैं। बिना बताए हमारे कनेक्शन का विद्युत भार एक से दो किलोवाट कर दिया गया। शुक्रवार रात में मोबाइल पर मैसेज आया है।– निशा
एक किलोवाट का कनेक्शन है। घर में तीन पंखे और चार बल्ब जलते हैं। बिजली विभाग ने अपनी मर्जी से लोड दोगुणा कर दिया है। यह तो उसकी मनमर्जी है।– राजेश

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

