‘मेरा घर पब्लिक टायलेट…’ Rajiv Thakur ने संघर्ष के दिनों को किया याद, अक्सर बैकस्टेज जाकर रोते थे कॉमेडियन
कॉमेडियन और एक्टर राजीव ठाकुर (Rajiv Thakur) अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं। कई बार वो कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो में भी नजर आए हैं। ऑडियंस उनके एक-एक पंच पर ठहाके लगाकर हंसती है। लेकिन इस मुस्कान के पीछे कितना संघर्ष छिपा है इसके बारे में राजीव कम ही बात करते हैं।
हाल ही में वैभव मुंजाल के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान, राजीव ने गरीबी में पले-बढ़े होने के बारे में खुलकर बात की और बताया कि उनके रहने की जगह कितनी तंग और मुश्किल भरी थी। उन्होंने कहा कि उनका घर ‘पब्लिक टॉयलेट जैसा’लगता था।
दुख को कॉमेडी में बदलने की मिली सलाह
राजीव ने कहा कि लोग अक्सर कॉमेडियन को सलाह देते हैं कि अपने इस दर्द को स्टैंड अप मैटेरियल में बदलों लेकिन वो जब भी ऐसा करते थे तो उनकी आंखों के सामने वो यादें फिर से ताजा हो जाती थीं। कॉमेडियन कई बार बैक स्टेज रोया भी करते थे।
एक कमरा ही था बाथरूम-किचन
राजीव ने बताया कि वे अपनी शुरुआती मुश्किलों के बारे में बहुत कम बात करते हैं। उन्होंने कहा,’यह बिल्कुल पुरानी हिंदी फिल्मों जैसा था। माता-पिता की शादी के बाद, मेरे पिता को घर से निकाल दिया गया था। रातों-रात, वे एक आरामदायक घर से निकलकर एक कमरे वाले घर में रहने लगे। वही एक कमरा हमारा बेडरूम, लिविंग रूम, किचन और बाथरूम भी था। वहीं तीन बच्चे पैदा हुए और पले-बढ़े। अगर एक व्यक्ति नहा रहा होता, तो बाकी चार लोगों को बाहर इंतजार करना पड़ता था। मुझे लगता था कि हमारा घर कोई पब्लिक टॉयलेट है।’
राजीव ठाकुर एक भारतीय कॉमेडियन, एक्टर और टेलीविजन पर्सनैलिटी हैं। उन्हें ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ से पहचान मिली और बाद में ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘द कपिल शर्मा शो’ जैसे शो से वे घर-घर में मशहूर हो गए। टेलीविन के अलावा, राजीव ने पंजाबी और हिंदी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है, जिनमें ‘लाहोरिये’ और नेटफ्लिक्स सीरीज ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ शामिल हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

