कई लोगों को किस्मत एक मनगढ़ंत बात लग सकती है, लेकिन कुछ लोगों की जिंदगी देखकर हैरानी होती है कि क्या सच में किस्मत जैसी कोई चीज होती है? आज आपको एक ऐसे ही बॉलीवुड एक्टर के बारे में बताएंगे जो शाही परिवार में पैदा हुआ।
UPSC पास करके इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) में अफसर बनने का सपना देखा, लेकिन आखिर में 90 के दशक के आखिर में बॉलीवुड के सबसे होनहार स्टार्स में से एक बन गया। हम बात कर रहे हैं माचिस फेम एक्टर चंद्रचूड़ सिंह (Chandrachur Singh) की।
अमिताभ बच्चन से होती थी तुलना
1996 में ‘तेरे मेरे सपने’ और ‘माचिस’ (Maachis) जैसी फिल्मों के साथ चंद्रचूड़ रातों-रात स्टार बन गए। क्रिटिक्स ने उनकी एक्टिंग की तारीफ की और दर्शकों ने भी उन्हें पसंद किया। मीडिया ने तो उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से भी करनी शुरू कर दी। कुछ हद तक इसलिए भी क्योंकि दोनों का जन्मदिन एक ही दिन आता था। लेकिन जितनी तेजी से उन्हें स्टारडम मिला, उतनी ही तेजी से वह हाथ से निकल भी गया।
साल 2000 में हुए एक भयानक एक्सीडेंट और उसके बाद करियर में आई कई मुश्किलों ने उनके करियर की दिशा हमेशा के लिए बदल दी। चंद्रचूड़ सेंट स्टीफन कॉलेज में पढ़ते थे जब उन्हें कॉलेट थिएटर का शौक लगा। यहां उन्होंने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी जीता। डांस, ड्रामा से उन्हें शुरू से ही बेहद लगाव रहा।
महेश भट्ट के साथ कर चुके हैं काम
साल 1988 में अपनी गर्मियों की छुट्टी के दौरान, चंद्रचूड़ ने फिल्म निर्माता महेश भट्ट को एसिस्ट किया। एक साल बाद, उन्होंने सुचित्रा कृष्णमूर्ति के साथ अपनी पहली फिल्म, जब प्यार किया तो डरना क्या साइन की। लेकिन ये फिल्म बंद हो गई। हालांकि इस पर लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था।
इसके बाद उन्हें अमिताभ बच्चन के प्रोडक्शन हाउस ‘एबीसीएल’ की फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ से लॉन्च किया गया। फिर आई फिल्म माचिस जिसने उन्हें साल का बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड दिलवाया।
चंद्रचूड़ ने ‘क्या कहना’, ‘दाग: द फायर’ में ऐश्वर्या राय के साथ और ‘जोश’ में शाहरुख और ऐश्वर्या के साथ काम किया। इस मूवी में उन्होंने दो बड़े सितारों को कड़ी टक्कर दी।
कार हादसे में कंधे पर लगी चोट
हालांकि साल 2000 में गोवा में एक दुखद वॉटर-स्कीइंग हादसे के दौरान उनके कंधे की हड्डी टूट गई थी। उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा और इसके कारण उनके हाथ से कई बड़े प्रोजेक्ट्स निकल गए।
ठीक होने के बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की कोशिश की, लेकिन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं और उन्हें अच्छे रोल मिलने बंद हो गए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

