जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शुक्रवार को प्रतापगढ़ में गविष्ठि यात्रा लेकर पहुंचे। धर्म सम्राट स्वामी करपात्री चौराहा उमरपुर भटनी में स्वामी करपात्री जी महाराज की मूर्ति पर फूल-माला अर्पित करके नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वामी करपात्री महाराज ने स्वतंत्रता के पहले व बाद अन्याय का बराबर विरोध किया। वह महान सनातनी व भविष्य वक्ता थे।
बोले- विरोधी गलत बात कहते हैं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके बारे में विरोधी गलत बात कहते हैं। हमें राजनीति से जोड़ते हैं। हम सनातनी हैं, किसी दल विशेष के नहीं। हम उसके साथ हैं जो सनातन, गोमाता, गंगा का संरक्षण करे और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करे।
स्वामी करपात्री की मूर्ति का जिक्र किया
चुर्री चौराहे पर लगी स्वामी करपात्री की मूर्ति का जिक्र करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कांग्रेस के संत विरोधी होने व आंदोलन के दौरान दिल्ली में स्वामी करपात्री समेत संतों पर इंदिरा सरकार में किए गए बल प्रयोग को महज एक घटना बताने का संकेत किया। उन्होंने कहा कि यहां आने पर पता चला कि यह मूर्ति कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने लगवाई है। अगर वह गोली चलवाने की सोच के होते तो ऐसा न करते।
विरोध की चेतावनी पर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा
उन्होंने कहा कि इतिहास, समय बदलता है। पुरानी बातों को लेकर राजनीतिक विद्वेष घटिया मानसिकता है। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लालगंज होते हुए शहर के लिए चल पड़े। विरोध व विवाद के कारण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भटनी में स्वामी करपात्री जी की जन्मभूमि पर नहीं गए। चौराहे से ही शहर की ओर रवाना हो गए। इधर विरोध किए जाने की चेतावनी पर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा।


