बिहार में स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स के नियम: 2500 रुपये में अनलिमिटेड पास, बाइक वालों से भी होगी वसूली
पथ निर्माण विभाग ने अपने अधीन राज्य उच्च पथों और पुल के लिए जिस टोल पॉलिसी को तैयार किया है उसमें कई तरह की रियायतों का जिक्र किया गया है। स्थानीय लोगों को उनसे संबंधित टोल प्लाजा पर राशि कम देना पड़े इसका विशेष इंतजाम किया गया है।
ढाई सौ रुपए दीजिए और महीने भर का असीमित फेरे
पथ निर्माण विभाग के टोल पॉलिसी में यह व्यवस्था की गई है कि आप ढाई सौ रुपए दीजिए और अपने करीब के टोल प्लाजा से असीमित फेरे लगाइए। ढाई सौ रुपए में एक माह की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था वैसे वाहनों के लिए की गयी है कि जो अपने संबंधित टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे वाले पते पर निबंधित हों।
इसी तरह अगर किसी व्यक्ति को लगातार बिहार के विभिन्न हिस्सों से गुजरना पड़ता है, तो 2500 रुपए का पास लेकर वह एक माह के अंदर पूरे बिहार में जहां चाहे और जितनी बार चाहे आ और जा सकता है।
मोटरसाइकिल पर नहीं लगेगा टोल पर उसके लिए भी शर्त
एनएच के टोल प्लाजा पर किसी तरह का टाेल नहीं लगता है पर एसएच के बनी टोल नियमावली में यह व्यवस्था कुछ शर्तों के साथ की गयी है। राज्य सरकार की टोल वाली सड़क से कोई मोटरसाइकिल सवार पर गुजरता है, तो उस स्थिति में कोई टोल नहीं लगेगा, जब उस सड़क का कोई और वैकल्पिक मार्ग नहीं है।
वहीं, अगर उस सड़क का वैकल्पिक मार्ग है, तो मोटरसाइकिल सवार को टोल टैक्स देना होगा। वैसे यह टोल की राशि कार पर लगने वाले टोल राशि की आधी होगी।
केवल कृषि के उपयोग वाले ट्रैक्टरों को नहीं लगेगा टोल टैक्स
राज्य सरकार की टोल पॉलिसी के तहत यह व्यवस्था की गयी है कि ट्रैक्टरों पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगेगा। इस व्यवस्था में यह शर्त रखी गयी है कि ट्रैक्टर का निबंधन कृषि उपयोग के लिए कराया गया है।
जिन लोगों को टोल नहीं देना होगा, उसमें महाधिवक्ता का नाम जोड़ा गया
एनएचएआई की तर्ज पर ही राज्य सरकार के टोल पॉलिसी में बड़ी संख्या में वैसे लोगों के पदनाम शामिल हैं, जिन्हें टोल नहीं देना होगा। इनमें वीआईपी, एमएलए और एमएलसी तो हैं, साथ में एक नया पद महाधिवक्ता का भी शामिल किया गया है। महाधिवक्ता के वाहन को पूरे राज्य में एसएच पर कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

