धार्मिक नगरी हरिद्वार के वीआईपी घाट के पास चल रहे एक किसान सम्मेलन में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पुलिस ने वहां चल रहे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम को बीच में ही बंद करवा दिया।
दरअसल, कार्यक्रम में फिल्मी गानों पर महिलाओं और किसान कार्यकर्ताओं के डांस करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया और आयोजकों को धर्मनगरी की मर्यादा बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी।
क्या है पूरा मामला?
इन दिनों शहर कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में विभिन्न किसान संगठनों के सम्मेलनों का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में वीआईपी घाट के समीप भी एक किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सम्मेलन के दौरान मनोरंजन के उद्देश्य से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था।
इसी बीच नगर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गंगा किनारे बने मंच पर फिल्मी गानों पर महिलाओं का डांस कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। मंच पर फिल्मी गानों पर महिला डांसर के साथ कुछ किसान संगठन के कार्यकर्ता भी थिरक रहे थे।
पुलिस ने तुरंत दखल देते हुए संगीत बंद कराया और आयोजकों से दोटूक शब्दों में कहा कि “हरिद्वार एक पवित्र धार्मिक नगरी है और यहां किसी भी ऐसे आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती जो इसकी गरिमा और मर्यादा के विपरीत हो।”

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

