ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने जयदेव विहार से नंदनकानन तक सड़क को आठ लेन में विस्तारित करने और प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। करीब 579 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोक निर्माण मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि यह सड़क भुवनेश्वर और कटक के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों के सफर को अधिक सुगम बनाना है।
ओडिशा का पहला केबल-स्टेड ब्रिज बनेगा
परियोजना के तहत कलिंगा स्टेडियम गेट नंबर-4 से रघुनाथपुर तक सड़क को आठ लेन में चौड़ा किया जाएगा। जयदेव विहार चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के ऊपर चार लेन का केबल-स्टेड ब्रिज बनाया जाएगा, जो ओडिशा का पहला ऐसा पुल होगा। इसके अलावा कलिंगा हॉस्पिटल चौक, डमणा चौक, कीट चौक और कलराहांगा चौक पर चार लेन के फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कॉरिडोर
सड़क विस्तार परियोजना में 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड, 7.5 मीटर चौड़ी स्लिप रोड, क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम, बेहतर जंक्शन, सड़क सौंदर्यीकरण, रोड मार्किंग, पार्किंग व्यवस्था और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। सरकार का दावा है कि इससे शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।
लोगों ने किया स्वागत
राजधानी के निवासियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। स्थानीय निवासी नागेश्वर पात्रा ने कहा कि आठ लेन की सड़क बनने से ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
व्यापारियों की बढ़ी चिंता
दूसरी ओर सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले छोटे और मध्यम व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक दुकानदार और फुटपाथ व्यवसायी इस परियोजना से प्रभावित हो सकते हैं।
व्यापारी प्रमोद कुमार खुंटिया ने कहा कि सरकार को किसी भी बेदखली कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यापारिक स्थल की व्यवस्था करनी चाहिए।
ऑल ओडिशा स्मॉल ट्रेडर्स वेंडिंग जोन एसोसिएशन के अध्यक्ष बिपिन जेना ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पिछले 20-25 वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पहले पुनर्वास और फिर परियोजना कार्य शुरू करने की मांग की।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

