भागलपुर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगेगी लगाम, होगी नसबंदी और टीकाकरण

शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी होगी। उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। इसके लिए वार्ड नंबर दो में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनाया जाएगा। नगर निगम ने 1.36 करोड़ रुपये की योजना की निविदा जारी कर दी है।

परियोजना पूरी होने पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण, रेबीज की रोकथाम और पशुओं के वैज्ञानिक प्रबंधन में मदद मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत आवारा कुत्तों के प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम की है।

निगम प्रशासन के अनुसार निविदा प्रक्रिया ई-टेंडरिंग से होगी। इच्छुक संवेदक तीन से 10 जुलाई तक पोर्टल से निविदा दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। चार जुलाई को नगर निगम के सभा कक्ष में प्री-बिड बैठक होगी, जिसमें संवेदकों के सवालों का समाधान किया जाएगा।निविदा अपलोड करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई को अपराह्न 3:30 बजे है। तकनीकी बिड 11 जुलाई को सुबह 11:30 बजे खोली जाएगी। तकनीकी मूल्यांकन में सफल एजेंसियों की वित्तीय बिड बाद में खुलेगी। निविदा शर्तों के अनुसार 2.72 लाख रुपये अग्रधन और 10 हजार रुपये निविदा प्रपत्र शुल्क जमा करना होगा। चयनित एजेंसी को छह माह में निर्माण कार्य पूरा करना होगा।

कुत्ता काटने के औसतन 10 मामले रोज पहुंच रहे अस्पताल

शहर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज एवं अस्पताल तथा सदर अस्पताल में कुत्ता काटने के औसतन 10 मरीज रोज पहुंचते हैं। इनमें अधिकतर शहर के ही होते हैं। पीड़ितों से मिले फीडबैक के अनुसार झुंड में रहने पर आवारा कुत्ते अधिक खतरनाक हो जाते हैं। रात-दिन कभी भी हमला कर देते हैं। जानकारों के अनुसार गर्मी के दिनों में कुत्ता काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

लंबे समय से सेंटर की महसूस की जा रही है आवश्यकता

रात के समय शहर की सड़कों पर जगह-जगह आवारा कुत्तों के झुंड नजर आते हैं। वाहन गुजरते ही वे भौंकते हुए पीछे दौड़ पड़ते हैं। कई बार दोपहिया चालकों को घेर लेते हैं, जिससे दुर्घटनाएं भी हुई हैं।

सड़कों पर इनकी संख्या लगातार बढ़ती प्रतीत होती है। ऐसे में एबीसी सेंटर बनने से इनकी आबादी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से शहर में ऐसे सेंटर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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