भागलपुर जिला प्रशासन की बागडोर संभालते ही नवनियुक्त जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने अपने कड़े प्रशासनिक तेवर दिखा दिए हैं। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद बुधवार को डीएम सीधे शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले बेली ब्रिज पर पहुंचीं। चिलचिलाती धूप और उमस की परवाह न करते हुए उन्होंने ब्रिज की वर्तमान स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से उन्होंने तकनीकी व सुरक्षात्मक पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट ली।
एक-एक बिंदु पर अधिकारियों से की पूछताछ
ब्रिज के मुआयने के दौरान बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, सीमा सड़क संगठन (BRO) की तकनीकी टीम, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के वरीय अधिकारी, जिला पुलिस बल के अफसर तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने पारंपरिक ढर्रे से अलग हटकर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब किए। उन्होंने बेली ब्रिज की भार क्षमता, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षात्मक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मौके पर ही एक-एक बिंदु की गहन समीक्षा की।
आंधी में उड़े शेड पर कड़ा रुख
गौरतलब है कि मंगलवार की शाम आई तेज आंधी और झोंकों के कारण बेली ब्रिज के पास बने शेड का चदरा उखड़कर नीचे गिर गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने संबंधित निर्माण एजेंसी को ऑन-द-स्पॉट निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शेड के आकार को अनावश्यक रूप से बड़ा करने के बजाय उसकी संरचना को अत्यधिक सुदृढ़ और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में मौसम की मार से आम राहगीरों को किसी भी प्रकार की जनहानि या असुविधा का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा और सुचारू आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के उपरांत मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने स्पष्ट किया कि बेली ब्रिज से जुड़ी तमाम तकनीकी दिक्कतों और उनके स्थायी निवारण पर जिला प्रशासन बेहद संजीदगी से कार्य कर रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि सभी संबद्ध कार्यदायी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और यदि जनहित में पूर्व से निर्धारित किसी नीति या निर्णय में आंशिक अथवा पूर्ण संशोधन की आवश्यकता पड़ी, तो उसमें बदलाव करने से पीछे नहीं हटा जाएगा। वर्तमान में पुल की सुरक्षा ऑडिट और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


