पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर पर सवाल उठाए हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कुछ लोग राष्ट्रपति से मिलने क्यों गए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें किसी भी सरकार या दल के समर्थन के करेगी।
राजा वड़िंग ने इस मुलाकात से राजनीतिक संदेश देने की जो कोशिश की जा रही है, वह भ्रम फैलाने वाला है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस का कोई भी विधायक उनके संपर्क में नहीं है और जो दावे किए जा रहे है उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उनका कहना था कि राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए इस तरह की बातें उछाली जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। किसी भी मुलाकात को राजनीतिक समर्थन के तौर पर पेश करना न तो उचित है और न ही इससे स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं को बढ़ावा मिलता है।
राजा वड़िंग ने राज्यसभा नामांकन के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि पंजाब के प्रतिनिधित्व में स्थानीय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले चेहरों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी से गलत संदेश जाता है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी की कारोबारी या पेशेवर पृष्ठभूमि होना गलत नहीं है, लेकिन जब बात जनप्रतिनिधित्व की हो तो प्राथमिकता उस व्यक्ति को मिलनी चाहिए जिसका जनता और प्रदेश के मुद्दों से सीधा जुड़ाव रहा हो। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में फैसले लेते समय जनभावनाओं और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।


