पश्चिम चंपारण के रामनगर थाना क्षेत्र के चर्चित पिंटू यादव हत्याकांड में अदालत ने मां और दो बेटों को दोषी करार दिया है।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने के बाद जमानत पर चल रहे तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में सजा की अवधि पर अदालत एक जुलाई को निर्णय सुनाएगी।
नाली विवाद से शुरू हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र के मुड़िला गांव में 26 दिसंबर 2024 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे नाली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी।
सूचना मिलने पर जब मुकेंद्र यादव घर पहुंचे तो उन्होंने आरोपितों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते देखा। घटना में ननक यादव, पिंटू यादव, निशा कुमारी और मुन्नी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पिटाई से हुई थी पिंटू की मौत
अभियोजन का आरोप था कि मारपीट के दौरान पिंटू यादव के साथ बेरहमी से हमला किया गया, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई।
परिजन उन्हें इलाज के लिए रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक पक्ष की ओर से रामनगर थाना कांड संख्या 596/2024 दर्ज कराया गया था।
तीन लोगों को बनाया गया नामजद
प्राथमिकी में गोलू कुमार यादव, अनिता देवी और कीर्ति यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि अस्पताल परिसर में उपचार के लिए पहुंचे मृतक के स्वजनों के साथ भी आरोपितों ने मारपीट की थी। हालांकि वहां मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हो गई थी।
बचाव पक्ष ने उठाए कई सवाल
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज होने में देरी, घटनास्थल से पर्याप्त रक्त के साक्ष्य नहीं मिलने, कथित हथियार की बरामदगी नहीं होने और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए आरोपियों को बरी करने की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज और गवाह अहम
अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती और वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही, उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य तथा रामनगर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
1 जुलाई को सुनाई जाएगी सजा
न्यायालय अब दोषियों की सजा पर एक जुलाई को अंतिम फैसला सुनाएगा। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


