जमीन की रजिस्ट्री होते ही 24 घंटे में होगा इंतकाल, पटवारी के चक्कर लगाने से हरियाणा सरकार ने दी मुक्ति

मकान, प्लाॅट, जमीन व दुकान खरीदने के बाद इंतकाल यानी म्यूटेशन के लिए अब पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब यह कार्य ऑनलाइन ऑटोमोड में शुरू होने जा रहा है। रजिस्ट्री कराने के साथ ही इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा। आमजन को अलग से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

बार-बार लगाते थे पटवारियों के चक्कर

मंगलवार से तहसीलों में आटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आनलाइन दोनों सिस्टम का उद्घाटन करेंगे। बता दें अभी तक लोगों को रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल के लिए पटवार भवन में जाना पड़ता है। जमीन की रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल करवाना होता है। इसके लिए लोगों को पटवारियों के चक्कर काटने पड़ते थे और चक्कर के साथ-साथ उन्हें अपनी जेब भी ढिली करनी पड़ती थी।

24 घंटे में स्वीकृत होगा इंतकाल

जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि जांच आवश्यक होने वाले मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विरासत, पारिवारिक बंटवारे एवं न्यायालय की डिक्री आधारित इंतकाल मामलों का भी समयबद्ध निपटान किया जाएगा।

इतना ही नहीं आमजन अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और आवश्यक दस्तावेज की प्रतियां भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे लंबित इंतकाल मामलों में कमी आएगी, भूमि अभिलेखों का रिकार्ड तेजी से अपडेट होगा तथा किसानों एवं भूमि स्वामियों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

अब डीटीपीई की एनओसी आएगी ऑनलाइन

पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की आवेदन प्रक्रिया को सरल किया गया है। नए सिस्टम के तहत अब डीटीपीई से एनओसी के लिए दस्तावेज की भौतिक प्रतियां जमा कराने की आवश्यकता समाप्त कर आनलाइन सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है।

प्रथम एवं द्वितीय पक्ष के लिए आधार आधारित ई-केवाइसी को अनिवार्य बनाया गया है। एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा, ऑनलाइन सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित प्रमाणीकरण, अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा तथा विभिन्न विभागों के डाटा का एकीकरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं।

नई प्रणाली में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया गया है, जिससे फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी, दस्तावेज की प्रमाणिकता बढ़ेगी तथा आनलाइन सत्यापन से नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही रजिस्ट्रेशन सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *