आज के समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और हर कोई अपनी कार से बेहतर माइलेज चाहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी कार असल में कितना माइलेज दे रही है? कई बार कार का मीटर भी सही जानकारी नहीं देता। आइए जानते हैं कि आप अपनी कार का माइलेज किन तरीकों से चेक कर सकते हैं।
क्या डैशबोर्ड सही दिखाता है?
कार के अंदर एक ECU होता है जो इंजन, कार की रफ्तार और तय की गई दूरी जैसी चीजों को देखकर माइलेज का अंदाजा लगाता है। स्क्रीन पर दिखने वाला माइलेज सीधे पेट्रोल या डीजल को मापकर नहीं दिखाया जाता बल्कि ECU एक हिसाब लगाता है, इसलिए यह 100% सही नहीं होता।
ऐसे चेक कर सकते हैं माइलेज
- फ्यूल टैंक: सबसे पहले अपने नजदीकी पेट्रोल पंप पर जाएं और कार की टंकी को पूरी तरह से फुल करवा लें।
- ट्रिप मीटर जीरो करें: टैंक फुल कराने के बाद कार के डैशबोर्ड पर मौजूद Trip Meter को रीसेट करके जीरो (Zero) पर सेट कर दें। अगर आपकी कार में ट्रिप मीटर नहीं है तो उस समय की कुल ओडोमीटर रीडींग को नोट कर लें या फोटो क्लिक कर लें।
- कार ड्राइव करें: इसके बाद अपनी कार को नॉर्मल दिनों की तरह ही चलाएं। सही माइलेज जानने के लिए कार को कम से कम 100 किमी चलाएं। इस दौरान आप शहर और हाईवे दोनों जगह गाड़ी चला सकते हैं जिससे आपको मिक्स माइलेज का पता चल सके।
- दोबारा फुल कराएं: जब कार 100-200 किमी चल जाए तो फिर से उसी पेट्रोल पंप पर जाएं और टैंक को ऑटो-कट होने तक फुल कराएं। इस बार ध्यान रखें कि टैंक में कितने लीटर फ्यूल आया है।
बेहतर माइलेज की टिप्स
बेहतर माइलेज हके लिए हमेशा टायरों में हवा का प्रेशर सही रखें जिससे कम होने पर इंजन पर जोर पड़ता है और माइलेज घट जाता है। इसके अलावा, सही स्पीड पर गियर बदलें इंजन पर बेवजह दबाव न डालें। साथ ही, कार समय पर बदलते रहे जिससे इंजन स्मूद बना रहे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

