हर दिन मौसम बदल रहा। कभी तेज धूप व भीषण गर्मी तो कभी आंधी-बारिश। बुधवार देर रात एक बार फिर मौसम में बदलाव हुआ। 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, गरज-चमक संग 20 मिली मीटर बारिश हुई। इससे जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
शादी-विवाह कार्यक्रम वाले घर पर बिजली गिरने से चार झुलस गए। वहीं, पोल्ट्री फार्म में आग भी लग गई, जिससे वह धू-धूकर जल गया। दोपहर तक बदली छाई रही। मौसम सुहाना रहा।
बारिश ने सात डिग्री तापमान में गिरावट ला दी, लेकिन कई स्थानों पर नुकसान भी हुआ। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। दोपहर बाद हल्की धूप खिली तो उमस, गर्मी का अहसास हुआ।
यहां गिरी बिजली
हंसवर: अरुसा आजमपुर में रात दो बजे आंधी व बारिश के बीच बिजली सुखई के मकान पर गिरी। इससे सीमेंट की चादरों युक्त शेड ध्वस्त हो गया। इनकी दीवार भाई रामदयाल के मकान पर गिर गई इससे भांजी संगीता, सरिता, नंदिनी और भांजा शिवानंद दबकर घायल हो गए। ये सभी गुरुवार को आयोजित रामदयाल की बेटी रेनू की शादी में शामिल होने जलालपुर के इमलीपुर से आए थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहांगीरगंज के जमलूपुर के सचिन सिंह का गांव के बाहर मुर्गी है।
रात करीब तीन बजे आंधी के बीच आकाशीय बिजली गिरने से मुर्गी फार्म में आग लग गई। ग्रामीणों तथा फायर ब्रिगेड कर्मियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फार्म संचालक सचिन सिंह के मुताबिक पांच हजार मुर्गियों के पालन की क्षमता का फार्म था। घटना में पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ।
थानाध्यक्ष रितेश पांडेय ने बताया कि फार्म में मुर्गियां नहीं थीं। कोई जनहानि नहीं हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग टांडा- बांदा के सुखारीगंज, महरुआ- दोस्तपुर नसीरपुर गांव के पास, जलालपुर तथा अयोध्या मार्ग पर शिवबाबा के पास पेड़ गिरने से सुबह आठ बजे तक आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीणों सहयोग से वनविभाग व पुलिसकर्मियों ने पेड़ कटवाकर आवागमन बहाल किया।
मौसम विज्ञानी डा. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आगामी 24 घंटे बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना रहेगी। तेज धूप उमस, गर्मी रहेगी। गुरुवार रात में 20 मिली मीटर बारिश हुई। 20 जून के बाद तेज बारिश की संभावना रहेगी।
फसलों को मिली संजीवनी
बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। धान की नर्सरी डालने के लिए बारिश का पानी लाभदायक होगा। इसके अलावा केला, आम, गन्ना, सब्जी, मेंथा आदि फसलों को फायदा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र पांती के फसल सुरक्षा विज्ञान डा. शिवम कुमार ने बताया कि धान की रोपाई के लिए गहरी जुताई कर देनी चाहिए। अरहर की बोआई के लिए उचित समय है। बारिश होने से आम, जामुन, अमरूद, लीची जल्दी पकने लगेंगे।


