भोपाल: मध्य प्रदेश में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। ऐसे में यूनिट टेस्ट और अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक होने से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, कई स्कूलों में विद्यार्थी बिना किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षकों को भी पाठ्य सामग्री के अभाव में पढ़ाई कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर छात्रों की परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि समय पर किताबें नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका सवाल है कि जब पाठ्यपुस्तकें ही उपलब्ध नहीं हैं, तो छात्र यूनिट टेस्ट और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारी कैसे करेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों के वितरण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सभी स्कूलों तक किताबें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में अब तक पुस्तकें नहीं पहुंची हैं, वहां छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में समय पर किताबों का वितरण होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित न हो। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभाग छात्रों तक किताबें कब तक उपलब्ध करा पाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

