तेलिया तालाब के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास रविवार की रात एक ट्रक के सड़क किनारे बने गड्ढे में फंस जाने से पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। एक ट्रक के कारण ऐसा जाम लगा कि श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ से बरियारपुर के घोराघट तक करीब 20 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई।
रातभर लोग जाम में फंसे रहे और सड़क पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक का पहिया निर्माणाधीन ओवरब्रिज के समीप सड़क किनारे बने गड्ढे में फंस गया। इसके बाद एक लेन पूरी तरह बाधित हो गई।
सड़क संकरी होने के कारण दोनों ओर से वाहनों का दबाव बढ़ता गया और कुछ ही देर में जाम भयावह हो गया। जाम में छोटे-बड़े वाहन, बसें, मालवाहक ट्रक और एंबुलेंस तक घंटों फंसी रहीं।
कई यात्रियों को मजबूर होकर अपने वाहनों से उतरकर सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा। रात के समय सफर कर रहे लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। 10 घंटे बाद एक तरफ से वाहनों का परिचालन शुरू हुआ।
नहीं दिखी पुलिस-एनएचएआई चौकसी
ट्रक फंसने के बाद काफी देर तक मौके पर न तो पुलिस दिखाई दी और न ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कोई विशेष प्रयास हुआ। समय रहते कार्रवाई नहीं होने से जाम लगातार बढ़ता चला गया और कई किलोमीटर तक वाहन रेंगते रहे। एनएचएआई के कर्मी भी घंटों तक नदारद दिखे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज के आसपास सड़क पहले से ही संकरी है। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। भारी वाहनों के गुजरने के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है।
घंटों बाद सामान्य हुआ यातायात
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित निर्माण एजेंसी के कर्मी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद फंसे ट्रक को गड्ढे से बाहर निकाला गया। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और कई घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। लगभग छह घंटे बाद यातायात सामान्य हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में एक वाहन की वजह से पूरे शहर की रफ्तार न थमे।


