वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा-2026 के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पहलगाम के निकट नुनवान आधार शिविर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की महिला जवानों की विशेष टुकड़ी तैनात की गई है। यह टुकड़ी यात्रा के लिए तैयार किए गए बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच से लेकर उनकी सहायता और मार्गदर्शन तक की जिम्मेदारी संभाल रही है।
महिला जवान सुरक्षा जांच के दौरान महिला श्रद्धालुओं की तलाशी लेने, कतारों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने, बुजुर्ग एवं दिव्यांग महिलाओं की सहायता करने तथा पवित्र गुफा की ओर रवाना होने से पहले सुरक्षा जांच चौकियों पर निर्बाध आवाजाही बनाए रखने का दायित्व निभा रही हैं।
सुरक्षा-सम्मान पहली प्राथमिकता
इन जवानों में उत्तर प्रदेश की मुस्कान त्यागी भी शामिल हैं, जिन्होंने वर्ष 2023 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर पहली बार अमरनाथ यात्रा ड्यूटी संभाली है। वह नुनवान शिविर में तैनात एक दर्जन से अधिक महिला जवानों की टीम का हिस्सा हैं। यह शिविर पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग का प्रमुख आधार शिविर है।
मुस्कान के साथ उत्तर प्रदेश की आरती सिंह, आंध्र प्रदेश की संध्या रानी, नागालैंड की किरोन, पश्चिम बंगाल की सोमाश्री और राजस्थान की आशा बाई मीणा भी ड्यूटी पर तैनात हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आई यह टीम सीआरपीएफ की राष्ट्रीय विविधता और महिला सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचय देती है।
सुरक्षा जांच के अलावा महिला जवान श्रद्धालुओं को यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारी देने, शिविर में सुव्यवस्थित आवाजाही बनाए रखने तथा पहली बार यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और वरिष्ठ महिलाओं की हरसंभव सहायता भी कर रही हैं। महिला श्रद्धालुओं ने भी महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सुरक्षा जांच की प्रक्रिया अधिक सहज, सम्मानजनक और सुविधाजनक हुई है।
नुनवन शिविर पर कड़ा सुरक्षा पहरा
यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के गुजरने की संभावना को देखते हुए नुनवान आधार शिविर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। इसके तहत रोड ओपनिंग पार्टियां (आरओपी), बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ते (बीडीडीएस), डॉग स्क्वाड, ड्रोन निगरानी, रात्रिकालीन गश्त और क्विक रिएक्शन टीमें (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं, ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रहे।
हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर
सुरक्षा एजेंसियों ने नुनवान आधार शिविर और उसके आसपास निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार शिविर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की गहन जांच की जा रही है। नियमित गश्त, तलाशी अभियान और वाहन जांच चौबीसों घंटे जारी है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी सुरक्षा चुनौती का तत्काल और प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। शिविर में अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस प्रणाली भी सक्रिय कर दी गई है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड नियमित रूप से एंटी-सैबोटाज जांच, विस्फोटक खोज अभियान तथा पूरे क्षेत्र का सैनिटाइजेशन कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को संपन्न होगी। श्रद्धालु अनंतनाग जिले के पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से हिमालय स्थित पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना होंगे।


