साल 2025 में भारतीय दुनिया भर में शेंगेन वीजा के लिए आवेदन करने वाले तीसरे सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे। यूरोपीय आयोग (EC) के आंकड़ों के अनुसार, 11.5 लाख भारतीयों ने शेंगेन वीजा के लिए आवेदन किया, जिनमें से 15.8% आवेदन रिजेक्ट हो गए।
चीनी नागरिकों ने 18 लाख आवेदनों के साथ पहला स्थान बनाए रखा, जिसमें रिजेकशन रेट महज 4.1% रही। तुर्की से 12.5 लाख आवेदकों में अप्लाई किया। रूस (6.8 लाख) और मोरक्को (6.2 लाख) एप्लीकेशन के साथ चौथे और पांचवें नंबर पर रहे। EC ने कहा कि शीर्ष पांच आवेदक देशों की लिस्ट में ज्यादातर कोई बदलाव नहीं हुआ।
महंगाई के बावजूद बढ़े आवेदन
हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी और रुपये की गिरावट से विदेश यात्रा महंगी होने के बावजूद 2025 में 2024 की तुलना में 4% अधिक भारतीयों ने शेंगेन वीजा के लिए आवेदन किया। अस्वीकृति दर भी 15% से बढ़कर 15.8% हो गई।
स्विट्जरलैंड और फ्रांस मनपसंद
भारत से शेंगेन वीजा आवेदनों में स्विट्जरलैंड सबसे आगे रहा, जहां लगभग 2.3 लाख आवेदन आए और अस्वीकृति दर 13.6% रही। फ्रांस में 2 लाख से अधिक, जर्मनी में 1.5 लाख, नीदरलैंड्स में करीब 1 लाख और स्पेन में 91,000 आवेदन प्राप्त हुए। अन्य देशों में इटली, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, बेल्जियम और स्वीडन शामिल थे। स्विट्जरलैंड और फ्रांस में वीजा प्रक्रिया तेज है, वहीं 7-10 दिनों में पासपोर्ट वापस मिल जाता है, जबकि कुल औसत टर्नअराउंड टाइम 15 दिन है।
3.3 करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की
2025 में कुल 3.3 करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की, जो 2024 से 6% और 2019 से 21.5% अधिक है। इनमे UAE (86 लाख), सऊदी अरब (34 लाख), थाईलैंड (22 लाख), USA (20 लाख) और सिंगापुर (15 लाख) जाने वालों की संख्या इतनी रही। वैश्विक स्तर पर शेंगेन क्षेत्र में 1.2 करोड़ अल्पकालिक वीजा आवेदन आए, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक वीजा जारी किए गए।
क्या होता है शेंगेन वीजा?
शेंगेन वीजा यूरोप के 29 देशों का एक साझा वीजा है。 इसे प्राप्त करने के बाद आपको हर यूरोपीय देश के लिए अलग से वीजा नहीं लेना पड़ता और आप बिना किसी सीमा जांच के इन सभी देशों में आसानी से यात्रा कर सकते हैं।


