केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू लगातार तरक्की की राह पर हैं। कम समय में विश्वविद्यालय में नए कोर्स शुरु तो किए जा रहे हैं साथ ही नए प्रोजेक्ट पर कार्य तेजी के साथ चल रहा है।
आने वाले समय केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू कश्मीर का प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में उभर कर सामने आएगा। विश्वविद्यालय में करीब नब्बे करोड़ रुपये की लागत से चार नए प्रोजेक्ट पर कार्य शुरु हो गया है। इनमें सात सौ सीटों की क्षमता वाला आडिटोरियम, सामुदायिक केंद्र, हेल्थ सेंटर तथा टीचिंग व नान टीचिंग के लिए आवासीय कांप्लेक्स का निर्माण कार्य शुरु हो गया है। यह सारे प्रोजेक्ट डेढ़ दो साल में बन कर तैयार हो जाएंगे।
इसके अलावा सोशल साइंस के नए कांप्लेक्स, लड़कों के पांच सौ बेड के हास्टल का निर्माण कार्य अगस्त तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय विवि जम्मू के वीसी प्रो. संजीव जैन ने विशेष बातचीत में बताया गया कि विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रह है। इस साल से एआइ में एमटेक कोर्स शुरु किया जा रहा है। हम मास कम्यूनिकेशन में छह महीने का छोटी अवधि का कोर्स शुरु करने जा रहे हैं। जल्द ही उच्च क्षमता वाली लैब स्थापित की जाएगी। एकीकृत बीएससी-बीएड कोर्स शुरु करने जा रहे हैं।
साल 2021 में वीसी का कार्यभार संभालने के समय विश्वविद्यालय में 1800 के करीब विद्यार्थी थे, अब विद्यार्थियों की संख्या दोगुना हो गई है। लड़कियों का एक सौ बेड का हास्टल भी तैयार है। विश्वविद्यालय में इसरो व डीआरडीओ के सेंटर चलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सैल को पूरी तरह से सक्रिय किया गया है। उन्होंने प्लेसमेंट अभियान में अधिकतम साढ़े पंद्रह लाख के पैकेज पर विद्यार्थी को रोजगार मिला है। सभी कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चलाए जा रहे हैं। विवि का गेस्ट हाउस भी तैयार हो रहा है जो जल्द ही बन जाएगा।
हाई आल्टीट्यूड एटमोस्पेयर सेंटर स्थापित
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू ने मौसम की सटीक जानकारी जुटाने के लिए पत्तनीटाप में हाई आल्टीट्यूड एटमोस्पेयर सेंटर स्थापित किया गया है। मौसम की जानकारी से संबंधित ऐसे सेंटर देश भर में आठ है जिसमें एक केंद्रीय विवि जम्मू ने स्थापित किया है। इसके लिए बीकन से पचास साल का एमओयू किया गया है। यहां पर पूरे विश्व के लोग रिसर्च करने के लिए आएंगे। यह एआइ एनालिस से डाटा इकट्ठा करेगा।
इंडियन नालेज सिस्टम को अपनाया
वीसी प्रो. संजीव जैन का कहना है कि विश्वविद्यालय में इस समय 3200 के करीब विद्यार्थी है जिसमें चालीस प्रतिशत बाहरी प्रदेशों व साठ प्रतिशत स्थानीय विद्यार्थी हैं। हमारी कोशिश यह है कि विश्वविद्यालय से विद्यार्थी चाहे कोई भी कोर्स करें, उसे रोजगार मिलना चाहिए। हम विश्वविद्यालय में सब पांच साल के एकीकृत कोर्स चला रहे हैं। हमारा सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है । विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका की जांच करके उसे दिखा दी जाती है ताकि वह संतुष्ट हो सके।
रिसर्च में गुणवत्ता की तरफ ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पीएचडी में यह आवश्यक किया गया है कि शोधकर्ता के दो पेपर प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित होने चाहिए। हमने इंडियन नालेज सिस्टम को अपनाया है जिसमें विद्यार्थी थीसिस का संक्षेप-सार खुद की भाषा में लिख सकता है। इससे स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा मिलता हैं। समय पर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। हाल ही में हमने सामुदायिक रेडियो तवी धारा भी शुरु किया है। विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए पांच दुकानें बनाई है जिसमें विद्यार्थियों को आवश्यक वस्तुएं मिल जाती हैं।
अनुशासन व सक्रियता के लिए जाने जाते हैं संजीव जैन
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के वीसी प्रो. संजीव जैन की कोशिश हमेशा से कैंपस में अनुशासन बनाए रखकर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की होती है। वह श्री माता वैष्णो देवी विवि कटड़ा के वीसी भी रह चुके है। प्रोजेक्ट पर काम करना व समय पर पूरा करवाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाते है। विभिन्न विभागों व हास्टलों का औचक दौरा तो वह नियमित तौर पर करते हैं। नियमों का पालन सख्ती से करवाते हैं। वह कहते है कि विद्यार्थी पढ़ लिखकर नौकरी के काबिल तो बने लेकिन साथ में एक अच्छा नागरिक भी बने जो राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका भी निभाए।


