लखीसराय: 14 साल बाद कानून के शिकंजे में आए 2 भाई, हत्या और पुलिस पर फायरिंग का आरोप

हलसी थाना पुलिस ने रविवार की सुबह बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या और पुलिस पर फायरिंग के चर्चित मामलों में वर्षों से फरार चल रहे दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान थाना क्षेत्र के दुलारपुर गांव निवासी आशो यादव और बीरो यादव के रूप में हुई है।

दोनों पर हत्या, पुलिस पर हमला और ग्रामीणों में दहशत फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। थानाध्यक्ष राजेश कुमार रंजन ने बताया कि दो दिसंबर 2012 को दोनों भाइयों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चचेरे भाई नरेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इस मामले में मृतक के भाई नेपाली यादव के बयान पर आशो यादव, बीरो यादव समेत आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के बाद दोनों गांव छोड़कर दूसरे राज्यों में फरार हो गए थे, लेकिन बीच-बीच में गांव आकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहे।

पुलिस रिकार्ड के अनुसार 13 जनवरी 2014 को दोनों आरोपितों के गांव आने की सूचना पर पुलिस छापेमारी करने पहुंची थी। उस दौरान आशो यादव, बीरो यादव और उनके सहयोगियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। हालांकि, तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय कुमार रमण और पुलिस बल बाल-बाल बच गए थे।

इसके कुछ ही दिनों बाद 7 फरवरी 2014 को दोनों भाइयों और उनके सहयोगियों पर अपने चाचा बुधाय यादव पर लाठी, डंडे और धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगा। गंभीर रूप से घायल बुधाय यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में भी दोनों नामजद अभियुक्त थे।

पुलिस के अनुसार, लंबे समय से फरार रहने के बावजूद पिछले एक महीने से दोनों आरोपित दुलारपुर गांव में सक्रिय थे। ग्रामीणों को धमकाने, खेतों की जुताई नहीं करने का दबाव बनाने और इलाके में भय का माहौल पैदा करने की शिकायत लगातार मिल रही थी।

विश्वसनीय सूचना के आधार पर रविवार की सुबह थानाध्यक्ष राजेश कुमार रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुलारपुर गांव की घेराबंदी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

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