एंट्री फीस बढ़ाने पर बवाल, हिमाचल के प्रवेशद्वारों पर चक्काजाम; मनाली हाईवे पर फंसे हजारों वाहन

 हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव संपन्न होते ही प्रवेश शुल्क (एंट्री टैक्स) को लेकर विवाद फिर से खड़ा हो गया है। टैक्स की बढ़ी हुई दरों से नाराज लोगों ने इलाका संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को प्रदेश के 52 एंट्री प्वाइंट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर गरामोड़ा में चक्का जाम कर दिया गया।

हिमाचल सरकार ने छोटे वाहनों के लिए ही 170 रुपये शुल्क तय कर दिया था, लेकिन लोगों के विरोध के बाद इसे 100 रुपये किया गया है। लोग इसे भी हटाने की मांग कर रहे हैं। अन्य बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग दरें हैं।

दोनों ओर वाहनों की कतारें

हिमाचल से बाहर जाने वाले वाहनों के पहिए थम गए, जिससे सीमा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से दो वैकल्पिक मार्ग वाया नयना देवी और टोबा होकर वाहनों को भेजा जा है, लेकिन भारी वाहनों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। फोरलेन पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।

फंसे रहे लोग

धरना शुरू होने से पहले ही बैरियर पर बढ़ा हुआ शुल्क लेना शुरू कर दिया गया था, जिससे विवाद और बढ़ गया। प्रदर्शन के कारण हिमाचल से पंजाब की ओर जाने वाले ट्रक, बसें और निजी गाड़ियां बॉर्डर पर ही फंस गईं। चक्का जाम होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जो आपातकालीन कार्यों या दफ्तरों के लिए निकले थे।

पर्यटन सीजन में चक्काजाम बढ़ा रहा सबकी परेशानी

चिंतनीय बात यह है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन चरम पर है। रोजाना हजारों पर्यटक हिमाचल में आ रहे हैं और घूमकर जा रहे हैं। हिमाचल के होटलों व टैक्सी चालकों के लिए कमाने के दिन होते हैं। ऐसे समय में चक्काजाम पूरी अर्थव्यवस्था का प्रभावित कर रहा है।

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