पतना और बरहड़वा क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना इंतजार अब खत्म होने वाला है। दिग्घी मोड़ से श्रीरामपुर,मालिन,अढ़ाईटिकर,सातगाछी होते हुए रिसौड़ मोड़ तक की जर्जर और संकरी सड़क जल्द ही आधुनिक और चौड़ी बनने जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट से मंजूरी के बाद करीब आठ किलोमीटर इस सड़क को चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट से 61.58 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद पथ निर्माण विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है।
आठ दिसंबर 2025 को मिली स्वीकृति के बाद ग्रामीण कार्य विभाग से यह सड़क पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी, अब डीपीआर बनने के पांच महीने बाद काम जमीन पर दिखने लगेगा।
अधिग्रहण क्षेत्र में पतना का एक बरहड़वा का आठ मौजा
सड़क के दायरे में आने वाली पतना अंचल के एक व बरहड़वा अंचल के आठ मौजा के जमीन अधिग्रहण में आएगा। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। सड़क चौड़ीकरण में बरहड़वा अंचल के श्रीरामपुर,मालिन,अढ़ाईटिकर,सातगाछी, माधोपाड़ा,ग्रामसीर,रानीग्रम,रिसौड़ एवं पतना अंचल के बड़ा दिग्घी मौजा शामिल है।
इस सड़क के दायरे में दोनों ओर पड़ने वाले कुल नौ मौजा की मकान,दुकान,व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कृषि योग्य भूमि आएगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
इस सड़क के चौड़ीकरण होने से मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होने के साथ साथ बड़ी गाड़ियों के आवागमन सुगम होगा। स्कूली बच्चे,किसान,व्यापारी और आम लोग रोज इस सड़क से गुजरते हैं। सड़क बनने से न सिर्फ समय की बचत होगी,बल्कि क्षेत्र में व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही भी आसान होगी।
दिग्घी मोड़ से मालिन,सातगाछी होते हुए रिसौड़ मोड़ सड़क चौड़ीकरण के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ आठ किलोमीटर रह जाएगी। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई करीब 12 फीट है।अंचल अधिकारियों के अनुसार सड़क के दोनों ओर करीब 30-40 फीट भूमि अधिग्रहण का कार्य हो रहा है। अब नई सड़क करीब 90-100 फीट चौड़ी होगी।


