केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने हालिया विवादित बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए कहा है कि उनका किसी भी समुदाय, वर्ग या धर्म की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। अमृतसर में श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ये माफी मांगी।
रवनीत बिट्टू ने कहा कि यदि उनके किसी शब्द से किसी व्यक्ति या समुदाय को ठेस पहुंची है तो वह दिल से माफी मांगते हैं। विवादित बयान जिस समय दिया गया, उस समय माहौल काफी तनावपूर्ण था। परिस्थितियों के बीच कुछ ऐसे शब्द निकल गए, जिन्हें बाद में अलग तरीके से लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय का अपमान करना नहीं था।
उन्होंने कहा कि यदि कोई आयोग या संबंधित प्राधिकरण उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाता है तो वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। जरूरत पड़ने पर वह लिखित रूप में भी माफी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों का सम्मान करना उनकी राजनीतिक और सामाजिक सोच का हिस्सा है।
विभिन्न वर्गों का समान सम्मान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह लंबे समय तक ऐसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं जहां विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा सभी वर्गों को समान सम्मान दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी धार्मिक संस्था, सामाजिक संगठन या डेरे को उनके बयान से ठेस पहुंची है तो वह उनसे भी माफी मांगते हैं।
पंजाब भारतीय जनता पार्टी की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बिट्टू ने कहा कि पार्टी का हर नेता उच्च नेतृत्व के फैसलों का सम्मान करता है। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब की राजनीति का वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि बुजुर्ग नेताओं का सम्मान करना सभी का कर्तव्य है।
कांग्रेस के भतरी मतभेज अब सार्वजनिक
कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए बिट्टू ने कहा कि पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नेताओं के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि संगठन के भीतर एकजुटता की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अपेक्षा है कि कांग्रेस नेतृत्व अंत तक पंजाब कांग्रेस की कमान राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग के हाथों में ही बनाए रखे।
राज्य की कानून व्यवस्था पर जताई चिंता
पंजाब की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गैंंगस्टरवाद और संगठित अपराध राज्य के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले और हथियार छीनने जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और समाज के सहयोग से ही स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
बिट्टू ने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में वह अपने शब्दों के चयन में और अधिक सावधानी बरतेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।


