वन विभाग सूरजपुर वेटलैंड की सूरत बदलने जा रहा है, यहां पहुंचने वाले पर्यटकों अब हरियाली का और पानी के बीचों बीच पक्षियों का आवास देखने को मिलेगा। बरसों से गंदे और प्रदूषित पानी के कारण आने वाले पक्षियों की संख्या कम हो गई थी। पक्षियों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग ने सूरजपुर वेटलैंड के पानी को साफ करने की कवायद शुरू हो कर दी है। जल्द ही पक्षियों को प्रदूषित जल से निजात मिल सकेगी।
मिट्टी, लकड़ी से बनाएंगे पक्षियों के लिए हैबिटेट
ईको टूरिज्म विकसित करने और पक्षियों की संख्या में वृद्धि करने के लिए परियोजना तैयार हो चुकी है। मिलों दूर से पहुंचने वाले पक्षियों को साफ पानी मिल सके इसके लिए वेटलैंड मौजूद पानी को साफ करने के लिए बाहर से पानी छोड़ेगा। साथ ही, पक्षियों को सुरक्षित हैबिटेट देने के लिए वेटलैंड में पानी के बीचों बीच आर्टिफिशियल आइलैंड बनाया जाएगा। मिट्टी, लकड़ी से पक्षियों के लिए हैबिटेट तैयार किए जाएंगे। अहम बात है कि इस योजना के तहत पर्यटक बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
शोधकर्ता और बर्ड वाचर कर सकेंगे शोध
वन विभाग ने शोधकर्ताओं,छात्रों और बर्ड वाचर को अलग से जगह और सुविधा देने की व्यवस्था करेगा। उन्हें जगह देने के लिए उच्च स्तरीय शोध करने,डाटा कलेक्ट करने की जगह दी जाएगी। मिट्टी,पानी टेस्टिंग कर सकेंगे। पारिस्थितिक तंत्र को आसानी से समझने में भी मदद मिल सकेगी। साथ प्रजातियों के अनुसार हैबिटेट, नेस्टिंग साइट्स सुरक्षित आवास विकसित किए जाएंगे।
पर्यटकों के लिए बनेगा परिचय केंद्र
पर्यटकों को सुविधा देने के लिए वेटलैंड में अलग से व्यवस्था की जाएगी। जहां पर्यटक पक्षियों के हैबिटेट की जानकारी ले सकेंगे। साथ ही नेचर ट्रेल,साइक्लिंग ट्रेक,गाइड टायर,वाच टावर जैसी सुविधा पर्यटकों की दी जाएगी।


