एक पिता को बेटियां बेहद प्यारी होती हैं। वे उन पर जान तक न्यौछावर करने को तत्पर रहते हैं। उसी तरह बेटियां भी अपने पापा के लिए अपार स्नेह रखती हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के खूबसूरत शहर रोहड़ू की रहने वाली भारतीय क्रिकेटर रेणुका सिंह ठाकुर ने पिता-बेटी के प्यार को दर्शाता भावुक टैटू दायें बाजू पर गुदवाया है।
रेणुका ने कुछ समय पहले कहा था कि जब वह तीन साल की थी, तभी इनके पिता केहर सिंह ठाकुर का देहांत हो गया था। पिता चाहते थे कि बेटी क्रिकेट की दुनिया में नाम चमकाए। उनके इस सपने को रेणुका ठाकुर ने पूरा कर दिया और पिता की याद में यह टैटू बनवाया है। इसमें एक बाप बेटी को प्यार से हवा में उछाल रहा है।
टैटू में रेणुका ने अपने पिता की जन्म और देहांत की तिथि भी लिखी है। रेणुका ठाकुर शनिवार को टी-20 विश्व कप के लिए मुंबई से इंग्लैंड के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ रवाना हुई हैं। रेणुका सिंह के पिता उन्हें एक क्रिकेटर बनाना चाहते थे। वे चाहते थे कि उनकी बेटी देश कि क्रिकेट टीम के लिए खेले। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
जब रेणुका तीन साल की थीं, तब पिता का निधन हो गया। रेणुका को शायद अपने पिता का चेहरा ठीक से याद भी न हो, लेकिन उनका सपना रेणुका के जेहन में था। उन्होंने हर मुश्किल को पार कर उसे हकीकत में बदल दिया। पिता के जाने के बाद रेणुका की मां ने तंगहाली और संघर्ष के बीच उन्हें पाला।
रोहड़ू की संकरी गलियों और पहाड़ों की ढलानों से शुरू हुआ रेणुका का सफर आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों तक पहुंच चुका है। यह टैटू उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो मुश्किल हालात में अपने माता-पिता के सपनों को भूल जाते हैं। इस टैटू को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेणुका आज भी हर कामयाबी के पीछे अपने पिता के उसी आशीर्वाद को महसूस करती हैं।
मां बोलीं, टैटू बनवाने से पहले ली थी इजाजत
रेणुका की मां सुनीता ठाकुर कहती हैं कि टैटू बनवाने से पहले रेणुका ने इसकी इजाजत ली थी। कहती हैं, रेणुका अपने पिता को आज भी बहुत याद करती है। जब छोटी थी तो कहती थी कि मां देखना एक दिन पिता के देखे सपने को हकीकत में बदल कर रहूंगी, और वही किया बेटी ने। मुझे अपनी बेटी पर बहुत गर्व है।


