सिर्फ घी का ही नहीं, तुलसी के पास तिल के तेल का दीया जलाने से भी मिलते हैं 5 बड़े फायदे

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 हिंदू धर्म में तुलसी को केवल एक पौधे के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसे अन्य देवी-देवताओं की तरह ही पूजनीय माना जाता है। रोजाना सुबह-शाम तुलसी की पूजा की जाती है और इसके पास एक घी का दीपक जलाया जाता है। आपको घी के स्थान पर तुलसी के पास तिल के तेल का दीपक जलाकर भी ढेर सारे फायदे मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।

मिलते हैं ये बड़े फायदे

  1. तुलसी के पौधे के पास रोजाना तिल के तेल का दीपक जलाने से वास्तु दोष से राहत मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
  2. तिल का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय है। ऐसे में तुलसी के पास तिल का दीपक जलाने कुंडली से शनि के अशुभ प्रभाव कम होने लगते हैं।
  3. इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे आर्थिक समृद्धि आती है।
  4. तुलसी के पास तिल के तेल का दीपक जलाने से घर से दरिद्रता दूर होती है।
  5. तिल के तेल के जलने से निकलने वाली सुगंध मन को शांत करती है, जिससे घर का वातावरण शांतिपूर्ण बना रहता है।

    दीपक जलाने की सही विधि

    • सबसे पहले हाथ-पैर धोकर शुद्ध हो जाएं और तुलसी के पौधे के आसपास भी साफई करें।
    • मिट्टी या पीतल का एक साफ दीपक लें और उसे भी अच्छी तरह से साफ कर लें।
    • इसके बाद दीपक में रूई की बाती लगाएं और पर्याप्त मात्रा में तिल का तेल डालें।
    • दीया जलाने के बाद हाथ जोड़कर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करें।
    • दीपक को तुलसी के पौधे के सामने या उनकी बाईं ओर रखें।
    • अंत में माता तुलसी से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

    जरूर जान लें ये जरूरी नियम

    • तुलसी के पास दीपक जलाने के लिए सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के समय यानी संध्या काल को सबसे उत्तम माना गया है।
    • इस बात का भी ध्यान रखें कि दीपक की लौ कभी भी तुलसी के पत्तों को न छुए। इसे हमेशा तुलसी के गमले से एक सुरक्षित दूरी पर रखें।
    • तुलसी के आसपास नियमित रूप से सफाई रखना जरूरी है, तभी आपको दीपक जलाने के लाभ मिल सकते हैं।
    • दीपक को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बाती करके जलाएं। वास्तु में इन दिशाओं को शुभ माना गया है।
    • तुलसी के पास दीपक जलाते समय मन में किसी तरह का नाकारात्मक विचार न लाएं।

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