कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति होटल, रेस्तरां, ढाबों पर न होने के कारण दुकानदार परेशान हैं, उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। इसको लेकर सरकार भी गंभीर है।
यही वजह है कि जिले में प्रतिदिन और प्रतिमाह कितने कामर्शियल गैस सिलिंडर की खपत हो रही है, यह जानकारी जिला प्रशासन से मांगी गई है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति भी शुरू हो सकती है।होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालक कामर्शियल गैस सिलिंडर का इस्तेमाल खाना बनाने में करते हैं। इससे न केवल दुकानदार बल्कि वहां कार्यरत कर्मचारियों को रोजगार मिलता है और ग्राहकों को भोजन मिलता है। ऐसे में कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति शुरू करने की मांग की जा रही है।
शनिवार को गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सरकार को शासन की मांग पर जिले में कामर्शियल गैस सिलिंडर की प्रतिदिन और प्रतिमाह होने वाली खपत की जानकारी उपलब्ध कराई है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति भी शुरू करवा सकती है।
इसको लेकर कुछ नए नियम भी बन सकते है। अब होटल, रेस्तरां, ढाबा संचालकों की निगाहें सरकार की ओर से जारी होने वाले आदेश पर टिकी हैं, जिससे कि उनकी समस्या का समाधान हो सके।
पीएनजी कनेक्शन के बाद भी एलपीजी के लिए लग रहे लाइन में
गैस एजेंसियों पर रसोई गैस सिलिंडर लेने के लिए पहुंच रहे लोगो मे वो लोग भी शामिल हैं, जिनके घर पीएनजी कनेक्शन हैं। इससे लाइन लंबी हो रही है और जरूरतमन्द व्यक्ति को रसोई गैस सिलिंडर मिलने में दिक्कत हो रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने अपील की है कि जिले में जिन लोगों के पास पीएनजी कनेक्शन है, वह लोग एलपीजी के लिए लाइन में न लगें, जिससे कि जरूरतमंद व्यक्ति को एलपीजी मिल सके।


