राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में लिफ्टों के बार-बार खराब होने के पीछे चौंकाने वाली वजह सामने आई है। अस्पताल प्रबंधन की समीक्षा बैठक में लिफ्ट संचालक कंपनियों ने बताया कि गुटखा और पान मसाला खाकर लोग लिफ्ट के अंदर और डोर सेंसर पर थूक दे रहे हैं, जिससे सेंसर खराब हो रहे हैं और लिफ्ट अचानक बंद पड़ जा रही हैं। इससे मरीजों, स्वजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को अपर चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में उनके कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न लिफ्ट संचालक कंपनियों के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में अस्पताल परिसर में संचालित लिफ्टों की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी समस्याओं, आपातकालीन प्रबंधन और रखरखाव की समीक्षा की गई।
लिफ्ट कंपनियों ने प्रशासन को जानकारी दी कि अस्पताल में लगी सभी लिफ्टों में आटोमेटेड रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी), इमरजेंसी अलार्म, इमरजेंसी लाइट, इंटरकाम और डोर सेंसर जैसी सुरक्षा सुविधाएं पूरी तरह कार्यशील हैं। हालांकि डोर सेंसर पर गुटखा-पान की पीक थूकने और गंदगी जमा होने के कारण सेंसर जाम हो जा रहे हैं, जिससे लिफ्ट का संचालन प्रभावित हो रहा है।
विशेष प्रशिक्षण सप्ताह आयोजित किया जाएगा
रिम्स प्रशासन ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर इस प्रकार की लापरवाही सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। खासकर गंभीर मरीजों के लिए लिफ्ट किसी जीवन रक्षक सुविधा से कम नहीं है।
ऐसे में लिफ्ट बंद होने की स्थिति कई बार आपात स्थिति पैदा कर सकती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 मई से 30 मई तक विशेष प्रशिक्षण सप्ताह आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान लिफ्ट ऑपरेटरों को रेस्क्यू और इवैक्यूएशन की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। साथ ही सभी लिफ्टों का नियमानुसार सेफ्टी ऑडिट कराने का भी फैसला लिया गया।
24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश
अपर चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कंपनियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लिफ्ट संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने लिफ्टों के अंदर अनिवार्य रूप से आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
रिम्स प्रशासन ने आम लोगों से अस्पताल की संपत्ति को स्वच्छ रखने और जिम्मेदार व्यवहार करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति नहीं रुकी, तो भविष्य में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।


