एमबीए युवती लैपटाप ठगी का गिरोह चला रही थी। वह अपने साथियों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देती थी। पहले फर्जी नाम से कंपनी की वेबसाइट व मेल आइडी तैयार की जाती थी। बड़ी ठगी के लिए किराए पर लेकर आफिस भी खोला जाता था।
इसके बाद फर्म और बड़े दुकानदारों से बातचीत करके उन्हें जाल में फंसाया जाता था। कंपनी की आइडी से लैपटाप खरीदने के लिए डिमांड भेजी जाती। बड़ी कंपनी से जुड़ने के लालच में दुकानदार क्रेडिट पर माल दे देते थे।
संजय प्लेस के कंप्यूटर कारोबारी से हुई ठगी की वारदात के बाद जांच में जुटी हरीपर्वत पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह की सरगना युवती और तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 38 लैपटाप बरामद किए हैं।
एसएस एम्पायर कंप्यूटर सर्विस के संचालक जार्ज जेम्स लैपटाप खरीद के नाम पर ठगी की गई थी। अंशिका शर्मा ने खुद को अमाडेस आईटी ग्रुप्स कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए ईमेल के माध्यम से लैपटाप का आर्डर किया था। कारोबारी ने 7.80 लाख रुपये कीमत के 25 लैपटाप व अन्य सामान की डिलीवरी बनाए गए पते पर कर दी थी।
भुगतान नहीं मिलने पर जार्ज जेम्स कंपनी के बताए पते श्री वृंदावन टावर चतुर्थ तल संजय प्लेस पर पहुंचे तो वहां कंपनी का संचालन होते हुए नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर हाल ही में उन्होंने हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर पुराने बस स्टैंड के पास से गिरोह की सरगना अनीता शर्मा उर्फ अंशिका निवासी कोको काउंटी, ग्रेटर नोएडा के अलावा मयूर विहार फेस तीन जीडी कालोनी थाना गाजीपुर पूर्वी दिल्ली निवासी पवन कुमार, मयंक चौहान व आशीष को गिरफ्तार किया।
एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने बताया कि आरोपितों के पास से 38 लैपटाप व 74 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। इनमें नौ लैपटाप आगरा के व्यापारी से लिए गए हैं। एमबीए पास अनीता ने पुलिस पूछताछ में बताया पति से तलाक के बाद उसने धोखाधड़ी करनी शुरू की।
वह फर्जी नाम से कंपनी की वेबसाइट बनाती थी। जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए पहले से तैयार आफिस किराए पर लेती थी। इसके बाद कंपनी की मेल से डिमांड लेटर संबंधित फर्म को भेजा जाता था। बड़ी कंपनी से व्यापार करने की चाहत में फर्म या दुकानदार लैपटाप क्रेडिट पर दे देते थे।
इसके बाद दूसरे शहर में वारदात को अंजाम देने के लिए चले जाते हैं। इंस्पेक्टर हरीपर्वत नीरज शर्मा ने बताया कि बरामद किए गए लैपटाप की कीमत 20 लाख रुपये के करीब है। आरोपित पवन नागपुर महाराष्ट्र से बीते वर्ष धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है।


